रामपुर। जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मृतकों के खाते से पेंशन की धनराशि ही निकाल ली। लाखों रुपये का गबन कर लिया। मामला सामने आने के बाद विभाग ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच के बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के करीब 12 लाख रुपये मृतकों के खाते में जमा कर दिए हैं, जबकि बाकी जांच अभी चल रही है। इस मामले की शुरुआती जांच में बैंक सचिव ने बैंक के दो शाखा प्रबंधकों समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
मामला जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा का है। दरअसल, सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन दी जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थियों के खाते में लगातार पेंशन की धनराशि आ रही थी। लाभार्थियों का खाता जिला सहकारी बैंक की पटवाई शाखा में था। इन लाभार्थियों में से कई लोगों की मौत हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी पेंशन जारी होने का सिलसिला जारी था। हालांकि, बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी कि कई लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में बैंक के ही कुछ कर्मचारियों ने साजबाज कर विभिन्न खातों से करीब लाखों रुपये निकाल लिए। जब यह मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा, तो उनके कान खड़े हो गए। बैंक सचिव ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। मामले की जांच बैंक के उप महाप्रबंधक संजय गुप्ता को सौंपी गई, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरूकर दी। शुरुआती जांच की आंच जब बैंक कर्मचारियों के गले तक पहुंची, तो गबन की गई करीब 12 लाख रुपये की धनराशि जमा करा दी गई। इसी शुरुआती जांच में जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक अवधेश कुशवाहा, राजेन्द्र यादव, बाबू रामगोपाल यादव व ओमकार एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शाकिर दोषी पाए गए, जिसके बाद जांच अधिकारी ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। रिपोर्ट के बाद शुरुआती जांच के आधार पर बैंक सचिव उपेंद्र कुमार सारस्वत ने पांचों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, विस्तृत जांच अभी जारी है।