मोदी फैक्ट्री पर नौकरी मांग रहे किसानों ने हंगामा और तोड़फोड़ किया तो मंौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें रोका। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाने का प्रयास किया। फिलहाल मामले में फैक्ट्री प्रबंधन और किसान प्रतिनिधियों के बीच समझौते की कोशिशें जारी थीं।
हंगामे की शुरुआत तब हुई दुर्गनगला गांव के कुछ लोग शुक्रवार सुबह मोदी फैक्ट्री के गेट पर पहुंच गए थे। यह लोग गेट पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फैक्ट्री में घुसने की कोशिश में जुट गए। गार्ड चंद्रपाल ने उन्हें रोका जिस नाराज लोगों ने गार्ड को पीट दिया। एक अन्य गार्ड के साथ भी मारपीट की। वह लोग गेट में घुसने की जबरन कोशिश करने लगे। इस बीच कुछ लोगों ने परिसर में रखे गमले भी फेंक दिए। घटना की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सीओ मिलक फोर्स के साथ पहुंचे। यहां ग्रामीण गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
उनकी मांग थी कि फैक्ट्री ने उनकी जमीन को लीज पर लिया था, जिसकी नवीनीकरण की कार्रवाई भी निरस्त हो चुकी है। उनकी मांग थी कि या तो जमीन वापस दिलाई जाए या फिर उनको फैक्ट्री में रोजगार दिलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने डीएमए में उनके बच्चों की मुफ्त में पढ़ाई कराई जाए। गांव को बिजली फैक्ट्री से दी जाए। काफी देर के हंगामे के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, देर शाम तक धरना जारी रहा। इस मौके पर अरशद अली, जुबैर अहमद, नूर अहमद,असलम खां, बब्लू, जाफर, कदीर अहमद, जाहिद, सलमान,तालिब,फजले अहमद मौजूद रहे।