प्रथमा बैंक की शाखा में लगी लंबी लाइन में एक किसान उसका नंबर आते-आते कैश खत्म होने से परेशान हो उठा। इसके बाद वो दुकान से कीटनाशक खरीद लाया और बैंक के भीतर कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की, इसी बीच वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे रोका और हाथ से कीटनाशक छीनकर फेंका। गेहूं की बुवाई न कर पाने से हताश हुए किसान मोहन सिंह को पुलिस और बैंक कर्मियों ने समझाकर शांत किया।
कस्बे में एक हजार और पांच सौ के नोट नहीं बदले जाने से लोगों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। किसी को शादी करनी है, तो किसी को गेहूं की बुवाई और खाद के लिए रुपये की जरूरत है। गेहूं की बुवाई लेट होने से किसान सबसे अधिक परेशान है। रुपये बदलने के लिए बैंक खुलने से पहले ही किसान लाइन में लग जाते हैं, लेकिन जब तक नंबर आता तब तक बैंक में कैश खत्म हो जाता है। सोमवार को भी बैंक खुलने से पहले ही प्रथमा बैंक के बाहर लोगों की लंबी लाइन लगी हुई थी, जिसमें गोबिंदपुरा निवासी किसान मोहन सिंह भी लगा था।
दोपहर को बैंक से खबर मिली की कैश खत्म हो गया है। जिससे मोहन सिंह परेशान हो गया और दुकान से कीटनाशक दवा ले आया और बैंक के अंदर ही पुलिस के सामने ही कीटनाशक पीने लगा, जिसको पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया कीटनाशक हाथ से छीन ली। इस दौरान हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस और बैंक कर्मियों ने समझाकर घर भेज दिया।