भैया दूज पर भाई की दीर्घायु की कामना के साथ तिलक करने को भारी संख्या में बहनें भाई के घर के लिए निकलीं। इसके कारण रोडवेज बस से लेकर ट्रेनों और डग्गामार वाहनों तक में भी भारी भीड़ रही। ट्रेन और बस में यात्रियों को सीट हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। धक्का-मुक्की भी होती रही।
इसके बावजूद ट्रेनों के गेट तक पर तो बसों में खड़े होकर सफर करते यात्री नजर आए। भैया दूज पर भाई का तिलक करने के लिए बहनों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। भैया दूज और त्योहारी सीजन के कारण ट्रेनों में रिजर्वेशन चार्ट फुल था। ट्रेनों में जनरल कोच की बात तो दूर स्लीपर और एसी कोच तक में जगह नहीं थी।
मजबूरन यात्रियों को जहां जगह मिली वहीं खड़े होकर सफर करना पड़ा। ट्रेनों में कोच के गेट तक पर यात्रियों की भीड़ रही। रोडवेज बसों में भी यात्रियों की काफी भीड़ रही। कई रोडवेज बस चालकों ने तो निर्धारित बस स्टापेज तक पर बस को नहीं रोका। बस के रुकते ही यात्रियों का हुजूम उसके गेट पर जुटता रहा।
इससे स्टापेज पर उतरने वाले यात्रियों तक को परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों के फुल होने पर भारी संख्या में यात्रियों ने खड़े होकर सफर किया। त्योहारी सीजन की इस भीड़ के लिए रोडवेज प्रबंधन की ओर से प्लान भी तैयार किया गया था।
हर रूट पर बसों को दौड़ाया गया। यहां तक की लोहिया ग्रामीण बस सेवा के तहत संचालित होने वाली रोडवेज की अधिकतर बसें भी मुरादाबाद-बरेली रूट पर संचालित की गईं लेकिन, इसके बाद भी भीड़ को संभालना मुश्किल भरा रहा।