रामपुर। सपा नेता अमर सिंह के परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सपा नेता आजम खां को बरी किए जाने के खिलाफ दायर की गई अपील पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए वक्त मांगा गया है, जिस पर अब कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक मई की तारीख तय की है।
मामला 17 अक्तूबर 2018 का है। आरोप था कि आजम खां ने एक निजी चैनल को जौहर यूनिवर्सिटी में दिए इंटरव्यू में अमर सिंह के परिवार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद अमर सिंह ने लखनऊ में पांच मार्च 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अमर सिंह का आरोप था कि आजम ने उन पर और उनकी 17 साल की जुड़वां बेटियों पर तेजाब फेंकने की धमकी दी थी।
केस को बाद में रामपुर के अजीमनगर थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था। 29 नवंबर को आजम खां को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बरी कर दिया था। इस मामले में सरकार की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई इन दिनों चल रही है।
बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। एडीजीसी सीमा राणा के अनुसार बुधवार को बचाव पक्ष की ओर से अपील पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय की मांग की गई है, जिस पर अब कोर्ट में इस मामले की सुनवाई एक मई को होगी।