रामपुर। पैनकार्ड और पासपोर्ट मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए ट्रायल कोर्ट को शिकायतकर्ता पूर्व मंत्री नवेद मियां का पक्ष भी सुनने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से आजम खान और अब्दुल्ला आजम को झटका लगा है।
दरअसल, राज्य सरकार ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बढ़ाने के लिए अपील दाखिल की है। इसी अपील में नवेद मियां ने खुद को पक्षकार बनाए जाने की मांग की थी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खान और अब्दुल्ला आजम के वकीलों ने नवेद मियां की याचिका पर आपत्ति जताते हुए उसे खारिज करने की मांग की। हालांकि, नवेद मियां की ओर से अधिवक्ता विजय विक्रम सिंह की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सजा बढ़ाने की अपील जैसे मामलों में शिकायतकर्ता को भी अपना पक्ष रखने का अधिकार है, क्योंकि वह मामले का महत्वपूर्ण पक्ष होता है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि नवेद मियां को सुनवाई का अवसर देकर ही आगे की कार्रवाई की जाए।