रामपुर। बिलासपुर थाने से जुड़े हत्या के एक मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को दो-दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामला वर्ष 2021 का है। 19 दिसंबर 2021 की शाम करीब सात बजे ज्वालापुर भैंसिया गांव निवासी फरजंद खां अपने बेटे राजिम और साथी तौफीक के साथ स्विफ्ट कार से बिलासपुर से लौट रहे थे।
उनका बड़ा बेटा साजिम क्रेटा कार से उनसे आगे चल रहा था। आरोप है कि शाम करीब साढ़े सात बजे ज्वालापुर भैंसिया गांव के पास रेलवे लाइन पार कर नहर की पुलिया पर पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने साजिम की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से साजिम गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
फरजंद खां के मुताबिक, गाड़ियों की रोशनी में उन्होंने हमलावरों को पहचान लिया था। उनका आरोप था कि आरोपियों से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस की जांच में दो और नाम सामने आए, जिसके बाद पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले में फैसला सुनाया।
प्रभारी डीजीसी नवनीत कुमार कश्यप के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश भानु देव शर्मा ने सकटुआ गांव निवासी सुलेमान अंसारी, ऊधमसिंह नगर के किच्छा थाना क्षेत्र के सिरौली कला निवासी कुलदीप और किच्छा के ही मोहम्मद मोईन कुरैशी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने खजुरिया थाना क्षेत्र के गोधी निवासी नन्हे को बरी कर दिया, जबकि सुनवाई के दौरान सकटुआ गांव निवासी आरिफ का निधन हो गया। प्रभारी डीजीसी ने बताया कि मुखबिरी करने के शक में साजिम की हत्या की गई थी। आरोप था कि साजिम आरोपियों की मुखबिरी करता था। इसी वजह से उसकी हत्या की गई थी।
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महिला की हत्या के आरोपी को भी उम्रकैद
रामपुर। बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र में अनुसूचित जाति की एक महिला की हत्या के एक मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वर्ष 2022 में बिलासपुर कोतवाली में महिला की ओर से अपनी बेटी की हत्या का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने मनिहारखेड़ा निवासी विक्रम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने सुनवाई के बाद विक्रम को आजीवन कारावास और 42 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद