पिछले डेढ़ माह से मरम्मत के अभाव में हवा में लटकी सड़क ईट लदी ट्राली सहित धंस गई। हादसे में ट्राली पर सवार तीन मजदूर भी चोटिल हो गए। वहीं सड़क धंसने से क्षेत्र के करीब आधा दर्जन ग्रामों का रास्ता भी बंद हो गया है। सड़क की मरम्मत की मांग के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग के संज्ञान नहीं लेने से ग्रामीणों में
आक्रोश है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 6 माह पूर्व मैसर्स एमएमकंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा चक मुवाना से महुआखेड़ा ,धीमरखेड़ा ,मुकुटपुर ,लांबाखेड़ा ,चन्दूपुरी ,चन्दूपुरा होते हुए सीकमपुर चौराहे तक 11 किलोमीटर मार्ग का निर्माण कराया गया था। इसी के साथ महुआखेड़ा में निर्माण कंपनी द्वारा आरसीसी सड़क का निर्माण भी कराया।
इस दौरान गांव के पूर्वी छोर पर बीहर नाले की पुलिया के नजदीक बारिश में सड़क की नीचे की मिट्टी खिसक कर बीहर नाले में बह गई। इससे सड़क का करीब 10 मीटर हिस्सा हवा में लटक गया। आरोप है कि निर्माण कंपनी के ठेकेदार सहित सम्बंधित विभाग के अधिकारियों और प्रशासन से ग्रामीणों ने हादसे की आशंका जताते हुए सड़क की मरम्मत की गुहार लगाई।
अमर उजाला ने भी 30 सितंबर के अंक में ग्रामीणों की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बावजूद इसके किसी ने भी सुध नहीं ली। फलस्वरूप मंगलवार दोपहर सीकमपुर की ओर से महुआखेड़ा की तरफ आ रही ईट लड़ी ट्राली हवा में लदी सड़क में धंस गई। जिसमें ट्राली पर बैठे तीन मजदूरों को भी चोट आई।
चोटिल मजदूरों का गांव के एक निजी चिकित्सक से प्राथमिक उपचार कराकर घर भेज दिया गया, जबकि ट्राली को घंटों की मशक्कत के बाद खाली करने के बाद दूसरे ट्रैक्टरों की सहायता से निकाला जा सका। सड़क धंसने से आस पास के आधा दर्जन गावों का रास्ता बंद हो गया है।