पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दी। साथ ही मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई प्रारंभ की। आरोपी फसाहत अली खां शानू ने आपत्ति दाखिल करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं। उनके खिलाफ जारी किया गया नोटिस निरस्त किया जाए। जबकि, अभियोजन की ओर से एपीओ हरेंद्र यादव ने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। लिहाजा, आरोपी को जिला बदर किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन लालता प्रसाद शाक्य की कोर्ट ने फसाहत अली खां शानू को छह माह की अवधि के लिए जिला बदर कर दिया है। इसके साथ कोर्ट ने रानू खां उर्फ शाह नवी और तालिब को भी छह-छह माह के लिए जिला बदर किया है।