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बुखार ने ले ली तीन और की जान

Tue, 22 Sep 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
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जिले में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना बुखार से होने वाली मौत की सूचनाएं आ रही हैं। बुखार लोगों के दिमाग में दहशत का रूप ले चुका है। वहीं विभाग की ओर से बुखार पर अंकुश लगाने के लिए अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। मंगलवार को भी बुखार से जिले में तीन लोगों की मौत हो गई।
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सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में हैं। इनमें से कई बुखार पीड़ित अन्य जिलों के अस्पतालों में भी भर्ती हैं। स्वार तहसील क्षेत्र के गांव अली नगर उत्तरी निवासी सद्दीक अहमद की 55 वर्षीय पत्नी मुखतरी को पिछले 10 दिन से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन महिला को उचित उपचार के लिये उत्तराखंड के बाजपुर ले गये।


हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान मंगलवार को महिला की मौत हो गई। जैसे ही सूचना परिजनों को लगी तो घर में कोहराम मच गया। मंगलवार को सद्दीक अहमद की बेटी रुखसाना की बरात आई हुई थी।
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जैसे ही मुखतरी की मौत की सूचना परिजनों को मिली तो विवाह समारोह का माहौल गमगीन हो गया। महिला की बेटी का रोते-रोते बुरा हाल था। देर शाम गमगीन माहौल में बेटी रुखसाना को विदा किया गया। वहीं, मिलक कोतवाली क्षेत्र के लोहा गांव निवासी मकसूद के 10 साल के बेटे जिशान (जुबैर) को कई दिन से बुखार आ रहा था।


जुबैर की हालत बिगड़ने पर परिवार वाले चार दिन पहले बरेली के विपिन अस्पताल में इलाज को ले गए थे। मंगलवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक डाक्टरों ने जुबैर में डेंगू के लक्षणों की पुष्टि की थी। बालक की मौत पर परिवार में कोहराम मचा है।


गांव के ही नाजिम मियां, शहाब खां और उनकी पत्नी समेत दर्जनों बुखार पीड़ित बरेली, मुरादाबाद और रामपुर में भर्ती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बुखार का कहर काफी बढ़ गया है। लगभग सभी घरों में कोई न कोई बुखार पीड़ित है। लोहा गांव में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने स्लाइडें भी बनाई थीं।


प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजपुरा के चिकित्साधिकारी डा. मोहित रस्तोगी ने बताया कि पूरे गांव में फागिंग कराई जाएगी। उधर, सैफनी के मोहल्ला सुरंग निवासी नूर मोहम्मद के 16 वर्षीय बेटे नूर हसन को कुछ दिन पहले बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया था।


परिजनों ने उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। लाभ न मिलने पर परिजनों ने सोमवार को नूर हसन को मुरादाबाद में ही दूसरे अस्पताल में भर्ती किया। उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। नूर हसन की मौत से परिजन सदमे में हैं।
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