प्रेमी के शादी करने से इनकार पर युवती उसके घर के बाहर जहर खा लिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता की संशोधित तहरीर के आधार पर प्रेमी के भाई निवर्तमान प्रधान मुरशद पाशा और उसके परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
ग्रामीणों के मुताबिक टांडा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती का प्रेम संबंध तीन साल पहले धनुपुरा निवासी युवक से था। एक वर्ष पूर्व लड़की अपने प्रेमी के घर पहुंच गई थी लेकिन उसे प्रेमी के साथ रहने में कामयाबी नहीं मिली। लड़की के पिता ने प्रेमी के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने कुछ समय बाद साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए इस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद से युवती अपने गांव ना रहकर रामपुर में अपने रिश्तेदारों का यहां रहती थी।
रविवार की सुबह युवती फिर से प्रेमी के घर तक पहुंच गई। प्रेमी के के घर के सामने जहरीले पदार्थ का सेवन कर खुद ही फोन करके पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को पहले सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
युवती के पिता ने टांडा कोतवाली में तहरीर दी कि उनकी पुत्री ग्राम धनुपुरा निवासी युवक से निकाह करना चाह रही थी। उसने अपने भाई निवर्तमान प्रधान के कहने पर उनकी पुत्री से निकाह नहीं किया। इससे कुंठित पुत्री ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रेमी और उसके भाई निवर्तमान प्रधान के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली। रात में युवती के पिता ने पुलिस को संशोधित तहरीर दी जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रेमी के भाई और उसके परिवार के लोगों ने उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिला दिया। इस आधार पर पुलिस ने मुकदमे को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया।
एसपी शगुन गौतम ने बताया कि युवती के पिता की तहरीर के आधार पर पहले दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाद में संशोधित तहरीर दी गई जिसके आधार पर निवर्तमान प्रधान मुरशद पाशा और उसके परिवार के लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। संशोधित एफआईआर में युवती के प्रेमी का नाम नहीं है।
बंगलुरु में रहता है प्रेमी
नाजिम बंगलुरु में रह कर काम करता है। रविवार को युवती के जहर खाने के वक्त वह गांव में मौजूद नहीं था। माना जा रहा है कि इसीलिए बाद में तहरीर संशोधित की गई और जबरन जहर खिलाने का आरोप लगाया गया।