स्वार/मिलक खानम(रामपुर)। लगातार बारिश से कोसी और पीलाखार नदियां उफान पर हैं। घूघा और नइया नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कोसी नदी ने मधुपुरी गांव के जंगल से लगी कृषि भूमि का कटान शुरू कर दिया है, वहीं गांव का श्मशान घाट भी खतरे में आ गया है। प्रधान प्रेमपाल ने आशंका जताई कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो श्मशान घाट को भारी नुकसान हो सकता है। उधर, मिलकखानम क्षेत्र में पीलाखार नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के कई गांवों में नदी किनारे के खेतों में कटान का खतरा मंडरा रहा है। इससे किसानों में दहशत का माहौल है।
कोसी नदी के उफान से जालफ नगला, धनौरी, मदगुपुरा, मधुपुरी, छपर्रा, रुस्तम नगर, समोदिया, मिलक काजी, धनपुर शाहदरा, सोनकपुर और फरीदपुर समेत कई गांवों की कृषि भूमि खतरे की जद में आ गई है। नदी की तेज धारा ने तटबंध को भी काटना शुरू कर दिया है। जिन किसानों की भूमि प्रभावित हो रही है उनमें डॉ. प्रेमपाल, सवित्री पाल, हरिओम, लाखन सिंह, अहसान खां, प्रेम सिंह, रामकिशन, चिरंजी लाल, झामन सिंह, नोवत सिंह, सुवराज, हुकम सिंह, ऊदल सिंह और खेम करन आदि शामिल हैं।
इस बीच प्रशासन ने भी हालात पर नजर रखी हुई है। राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया है। एसडीएम अमन देओल और तहसीलदार संत कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही, तटबंध को मजबूत करने और कटान रोकने के लिए अस्थायी इंतजाम करने की बात कही गई है। एसडीएम ने बताया कि खतरे की कोई बात नहीं है।