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हिमाचल में स्थित रामपुर रियासत के तीसरे नवाब के मकबरे का कराया जाएगा जीर्णोद्धार

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रामपुर। रामपुर रियासत के तीसरे शासक नवाब सैयद गुलाम मोहम्मद खां का हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में मकबरा जर्जर हालत में है। मकबरा देखकर लौटे पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने बताया कि इस ऐतिहासिक स्थल की हालत सुधारे जाने की कोशिश करेंगे।
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पूर्व मंत्री नवेद मियां शनिवार को हिमाचल प्रदेश से लौटे हैं। वहां उन्होंने जिला हमीरपुर स्थित कांगड़ा घाटी के सुजानपुर तिराहा में नवाब सैयद गुलाम मोहम्मद खां का मकबरा देखा और उसकी जर्जर हालत पर अफसोस जाहिर किया। नवेद मियां ने बताया कि नवाब सैयद गुलाम मोहम्मद खां रामपुर रियासत के तीसरे शासक थे। उनकी हुकूमत कम समय के लिए रही थी। अंग्रजों से विवाद के कारण उन्हें रामपुर छोड़ना पड़ा था। वो यहां से मैसूर और फिर पंजाब चले गए थे। 1828 में उनका इंतकाल हो गया था। नवेद मियां ने बताया कि रामपुर के सभी शासकों के मकबरों पर वो जा रहे हैं और इसी के तहत तीसरे शासक के मकबरे पर भी गए थे। उन्होंने बताया कि वो इस ऐतिहासिक स्थल की हालत सुधारे जाने की कोशिश करेंगे। बताया कि हिमाचल की रियासत कांगड़ा के महाराजा संसार चंद्र ने नवाब सैयद गुलाम मोहम्मद खां को संरक्षण दिया था। तब से ही रामपुर और कांगड़ा रियासत के संबंध हैं। महाराजा संसार चंद्र के वंशज राजा आदित्यदेव कटोच ऑफ़ लंबाग्राम की शादी रानी चन्द्रेश कुमारी से हुई थी। रानी चन्द्रेश कुमारी केंद्रीय संस्कृति मंत्री रहते हुए रामपुर आई थीं। नवेद मियां हिमाचल गए तो उनसे व उनके पूरे परिवार से मुलाक़ात की और रामपुर के तीसरे नवाब के मकबरे के सुधार के लिए रणनीति बनाई। टिकाराज ऐश्वर्य देव कटोच, उनकी पत्नी टिकारानी शैलजा कुमारी व पुत्र महाराजकुमार अम्बिकेश्वर देव कटोच के साथ मकबरे पर पहुंचे। नवेद मियां ने बताया कि टिकाराज ऐश्वर्य देव कटोच इस कार्य में उनका सहयोग करेंगे।
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