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Rampur News: रजा काॅलेज में पांच साल से इतिहास के प्रवक्ता का पद खाली

Tue, 08 Apr 2025 01:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पठन-पाठन और परीक्षा संबंधी विभिन्न समस्याओं पर विद्यार्थी परेशान हैं। विद्यार्थियों ने सोमवार को प्राचार्य को ज्ञापन साैंपा है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि वर्ष 2020 से कॉलेज में इतिहास विषय पढ़ाने के लिए कोई भी प्रवक्ता नहीं है।
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स्नातक में सह पाठ्यक्रम के तहत सभी छात्र-छात्राओं के लिए को-करिकुलर (हेल्थ और हाइजीन) विषय अनिवार्य है और इसे पढ़ाने के लिए महाविद्यालय में कोई शिक्षक नहीं है। इसी कारण करीब 70 प्रतिशत बच्चे इस विषय में फेल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से कॉलेज में समाजशास्त्र और भूगोल पढ़ाने के लिए शिक्षक की तैनाती नहीं है और न ही प्रैक्टिकल कराए जा रहे हैं।
छात्र मोहम्मद नावेद, इंतकाब आलम, तनु, सादिया नूरी, प्रीति चंद्रवंशी ने प्राचार्य से कहा है कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी एक विशेष विषय को-करिकुलर में बैक आ रही है और इस विषय के संबंध में न तो कोर्स का पता है और न ही मार्केट में कोई किताब उपलब्ध है। न ही महाविद्यालय में इस विषय से संबंधित कोई पढ़ाई कराई जा रही है, इस कारण छात्रों का अहित हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में भी महाविद्यालय द्वारा कुछ कक्षाओं के आंतरिक अंकों की सूची विश्वविद्यालय को नहीं भेजने से अंक तालिका में परिणाम घोषित नहीं हुए हैं। इस कारण से छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम में अंक लंबित होने की समस्या उत्पन्न हो गई है, जो कि तीन वर्ष बाद भी जस की तस बनी है और छात्रों के परीक्षा परिणाम अब तक लंबित हैं।
छात्रा पूजा, महक, अंजलि, रूमा, नाजिया, पायल, निशा ने प्राचार्य को बताया कि कॉलेज प्रशासन की अव्यवस्था की वजह से छात्र-छात्राओं को न तो दूसरी जगह कहीं प्रवेश मिल पा रहे हैं और अब उनका भविष्य अधर में फंस गया है। इसलिए कॉलेज प्रशासन संबंधित मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर छात्र-छात्राओं के हित में कार्रवाई करे।
इस दौरान इकरा, खदीजा, शुएब, कैफ, अदनान, कासिफा, शकील अहमद, मुस्कान, रुकसार, गुड़िया, राखी राजपूत, कैकसा बी, गोसिया, सानिया, शिव कुमार, सना आदि छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। प्राचार्य के सामने मांग रखने वाले सभी विद्यार्थी बीए, बीएससी और बी-कॉम के पहले, तीसरे व पांचवें सेमेस्टर के हैं।



बैक लगने से स्कॉलरशिप भी लटकी

छात्र-छात्राओं ने बताया कि पठन-पाठन में अव्यवस्था होने के कारण उनके परीक्षाफल में बैक लग रही है। ऐसे में उनकाे स्कॉलरशिप भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि पहले छात्र-छात्राओं का प्रतिपूर्ति शुल्क बतौर स्कॉलरशिप उन्हें वापस मिल जाता था।


अंकपत्र में त्रुटियाें से छात्र परेशान
अंग्रेजी माध्यम से कॉलेज में एमए के करीब 124 छात्र-छात्राओं के सेमेस्टर प्रथम, तृतीय और पंचम में माइनर और मेजर विषय के असमंजस में परीक्षा परिणाम पर अंक नहीं दर्शाए गए हैं। इस कारण परीक्षा परिणाम भी अघोषित है। छात्र-छात्राओं के अंकपत्र में माइनर विषय की जगह पर मेजर विषय अंकित हो गया है और उसके सामने अंक जीरो दिए हैं, इसलिए भी संबंधित छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं।


उर्दू के छात्र अभी तक भटक रहे
छात्र-छात्राओं ने बताया कि कॉलेज की अव्यवस्था के कारण ही पिछले शैक्षिक सत्र में उर्दू विषय से संबंधित 40-50 छात्र-छात्राओं के अंकपत्र में तमाम त्रुटियां आई थीं। जिनमें अभी तक सुधार नहीं हो पाया है और वह छात्र-छात्राएं काॅलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक भटक रहे हैं।

विश्वविद्यालय से समस्या उत्पन्न हो रही है। को-करिकुलर विषय में बहुत बच्चे फेल हो गए हैं। सोमवार को छात्रों के ज्ञापन को हमने विश्वविद्यालय के कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को भेजा है। एक छात्रा मेरे पास आई थी, उसके सभी विषय में अच्छे नंबर हैं और एक विषय में केवल 12 नंबर आए हैं। हमने लिस्ट देखी तो उसमें 22 अंक थे, लेकिन विश्वविद्यालय ने उसे 12 अंक ही चढ़ाए हैं। उर्दू वाले बच्चे भी भटक रहे हैं। विश्वविद्यालय इन मामलों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। पिछली बार रसायन विज्ञान में भी विश्वविद्यालय ने सभी बच्चों को फेल कर दिया था, कॉलेज के हस्तक्षेप पर सुधार हुआ था। - डॉ. जागृति मदान ढींगरा, प्राचार्य, राजकीय रजा पीजी काॅलेज
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