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Rampur News: नक्षत्रशाला के 'ग्रह' खराब, बंद दरवाजों में कैद हुआ आसमान

Sat, 31 Jan 2026 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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बारिश का पानी भरने के बाद दो साल से बंद पड़ी है नक्षत्रशाला, प्रस्ताव और सर्वे तक अटका खराबी दूर करने का काम
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2011 में 25 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था निर्माण
मोहित सक्सेना
रामपुर। मंडल की एकमात्र नक्षत्रशाला इन दिनों खुद ग्रहण की शिकार है। कभी जहां बच्चों की भीड़ सितारों की दुनिया में खो जाने के लिए उमड़ती थी, आज वहां सिर्फ धूल और सन्नाटा है। प्रदेश सरकार मुरादाबाद में जहां नक्षत्रशाला खोलने की तैयारी कर रही है, वहीं मंडल ही नहीं देश की पहली डिजिटल लेजर तकनीक पर आधारित रामपुर की आर्यभट्ट नक्षत्रशाला पर करीब दो साल से ताले लटके हुए हैं।
बारिश का पानी घुसने के बाद नक्षत्रशाला की मशीनें खराब हो गई थीं। दो साल में इन मशीनों को सही नहीं कराया जा सका। इसके कारण 25 करोड़ की लागत से तैयार नक्षत्रशाला छात्रों को ज्ञान के बजाय सिर्फ निराशा दे रही है। बाहर से नक्षत्रशाला देखने आने वाले लोग निराश होकर लौट रहे हैं।
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जिले में 2007 में नक्षत्रशाला की नींव रखी गई थी। वर्ष 2011 में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण पूरा हुआ था। तब से इसका संचालन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की देखरेख में हो रहा है। पिछले दो साल से नक्षत्रशाला अधिकारियों की उदासीनता की शिकार है।
दो साल पहले बारिश के मौसम में पानी भरने से नक्षत्रशाला की कई मशीनें खराब हो गई थीं। इसके बाद इन मशीनों को ठीक ही नहीं कराया गया। नक्षत्रशाला में जिले से अलावा बाहर से भी लोगों के अलावा छात्रों के समूह आते थे लेकिन पिछले एक साल से इन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
डीएम भी नक्षत्रशाला का निरीक्षण कर चुके हैं लेकिन अभी तक इसको चालू कराने की कवायद शुरू नहीं की गई है। हालांकि दावे तमाम किए गए। दावों के बाद इसको चालू कराने की फाइलें कभी लखनऊ तो कभी मुंबई तक दौड़ती रहीं लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। (संवाद)

वीडियो के जरिये दिखाई जाती थीं खगोलीय घटनाएं
आर्यभट्ट नक्षत्रशाला में खगोलीय घटनाएं दिखाई जाती हैं। 2011 से शुरू हुई आर्यभट्ट नक्षत्रशाला में खगोलीय घटनाओं को वीडियो के जरिये दिखाया जाता था। इसके अलावा यहां खगोलीय घटनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाती है।


50 मिनट का होता था शो
आर्यभट्ट नक्षत्रशाला में प्रतिदिन तीन शो दिखाए जाते थे। प्रत्येक शो की अवधि 50 मिनट होती थी। शो का समय दोपहर एक बजे, तीन बजे और शाम पांच बजे निर्धारित था। अतिरिक्त शो को सुबह 10:30 बजे से 12:15 बजे के बीच 100 या अधिक के समूह के लिए 10 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से दिखाया जाता था। गर्मी की छुट्टियों में एक अतिरिक्त शो शाम छह बजे से भी दिखाया जाता था। नक्षत्रशाला में प्रवेश शुल्क तीन वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रति व्यक्ति 25 रुपये निर्धारित है। प्रमाणपत्र दिखाने पर विकलांगों के लिए प्रवेश निशुल्क है।
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आर्यभट्ट नक्षत्रशाला की कमियों को दूर कराकर इसे जल्द ही चालू कराया जाएगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लखनऊ से तकनीक विशेषज्ञों की टीम सर्वे कर चुकी है। जल्द ही इसे चालू करा दिया जाएगा -डाॅ. एके सिंह, प्रभारी, आर्यभट्ट नक्षत्रशाला, रामपुर
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