टांडा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना टांडा क्षेत्र के ग्राम लांबाखेड़ा में ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासन के ढुलमुल रवैये की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ग्राम में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है, जिसके चलते करीब 12 हजार से अधिक ग्रामीण स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं।
योजना के तहत ग्राम में पाइपलाइन बिछाने के लिए ठेकेदार द्वारा सड़कों को खोद दिया गया लेकिन पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत तक नहीं कराई गई।
इसका नतीजा यह है कि ग्राम की अधिकांश सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। सड़कों पर पानी भरने से बाइक सवार फिसलकर गिर रहे हैं, जबकि महिलाएं, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
स्वच्छ पानी की आपूर्ति न होने के कारण ग्रामीण आज भी सरकारी हैंडपंपों के सहारे अपनी प्यास बुझाने को विवश हैं। स्थिति यह है कि ग्राम में लगे आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या दूषित पानी दे रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य को जल्द पूरा कराया जाए, ओवरहेड टैंक का निर्माण शीघ्र शुरू हो।
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एक साल से अधिक समय से ओवरहेड टैंक का निर्माण रुका हुआ है। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही घर-घर स्वच्छ पानी पहुंचेगा, लेकिन सरकारी लापरवाही के चलते अब वह उम्मीद भी धूमिल होती नजर आ रही है। -शमशु पहलवान, ग्राम निवासी
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ठेकेदार ने पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोद दीं लेकिन मरम्मत नहीं कराई। इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश में सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और रोजाना कोई न कोई बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो रहा है। -अतुल कुमार गुप्ता, ग्राम निवासी