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Rampur News: डेढ़ घंटे की मुलाकात में पिघली आजम-अखिलेश के रिश्तों पर जमी बर्फ

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रामपुर। सपा के मुखिया अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां के बीच जमी रिश्तों की बर्फ आखिरकार डेढ़ साल बाद करीब दो घंटे की मुलाकात के बाद पिघल ही गई। डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद दोनों ही नेताओं ने किसी भी तरह के गिले शिकवे होने की बात से साफ इन्कार किया। अखिलेश ने जहां आजम खां को पार्टी की नींव बताया तो वहीं आजम ने भी कहा कि पहले हम 11 थे और अब 111 हो गए हैं।
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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां करीब 23 माह सीतापुर जेल से रिहा हुए हैं। रिहाई के बाद यह पहला मौका था जब सपा नेता से मिलने पार्टी के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को रामपुर पहुंचे थे,जहां उनका इस्तकबाल करने के लिए सपा नेता आजम खां जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे थे।
यूनिवर्सिटी में अखिलेश का हेलिकॉप्टर उतरा था। वहां से दोनों एक ही कार में सवार हुए और फिर सपा नेता अखिलेश यादव को लेकर अपने घर तक पहुंचे। उनके साथ कार में कोई तीसरा नहीं था। करीब एक बजे सपा नेता आजम खां पार्टी के मुखिया को लेकर अपने आवास पर पहुंचे।
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जहां पर करीब डेढ़ घंटे तक गुफ्तगू की। इस दौरान आजम ने अपने सभी करीबियों को भी बाहर कर दिया था। यहां तक की उनके परिवार के सदस्य भी घर पर नहीं थे। यहां पर करीब डेढ़ घंटे तक दोनों के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात में दोनों के बीच हर मुद्दे पर बातचीत हुई।
सपा से जुड़े सूत्रों की मानें तो आजम ने अपनी बात रखी, जिसका अखिलेश ने जवाब भी दिया। समझा यह भी जा रहा है कि दोनों के बीच गिले शिकवे तो दूर हुए ही साथ ही 2027 के चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई। करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद जब दोनों नेता बाहर आए तो दोनों के चेहरे खिले हुए थे।
दोनों नेताओं ने आपस के बीच गिले शिकवे होने की बात से साफ इन्कार किया। अखिलेश ने आजम को पार्टी की नींव बताया। वहीं आजम ने भी यह कहकर बात को खत्म किया कि कौन से गिले शिकवे? आपसे किसने कहा कि हमारे बीच गिले शिकवे हैं।

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लोकसभा चुनाव से पहले सीतापुर जेल में मिले थे अखिलेश-आजम
रामपुर। लोकसभा चुनाव के दौरान सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां से मिलने के लिए अखिलेश यादव 22 मार्च 2024 को गए थे। तब भी डेढ़ घंटे की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के दौरान आजम ने अखिलेश को रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का वादा लिया था, लेकिन ऐन मौके पर पार्टी की ओर से दिल्ली की पार्लियामेंट मस्जिद के इमाम मोहिबुल्लाह को चुनाव मैदान में उतार दिया था। जिसके बाद आजम नाराज हो गए थे और रामपुर के सपाइयों ने चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया था। आजम व उनके समर्थक लगातार उनका मोहिबुल्लाह नदवी का विरोध करते रहे,लेकिन इसके बाद भी वह चुनाव जीत गए। सांसद बनने के बाद एक ओर जहां अखिलेश आजम के बीच दूरियां बढ़ीं थीं, वहीं मोहिबुल्लाह नदवी के बीच दूरियां भी काफी बढ़ी रहीं।

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आजम जेल में थे, तब भी रामपुर आए थे अखिलेश
रामपुर। सपा नेता आजम खां जब जेल में थे और लोकसभा चुनाव भी बीत चुका था। इसके बावजूद सपा मुखिया अखिलेश यादव 11 नवंबर 24 को रामपुर आए थे। वह यहां पर उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा से मुलाकात करने पहुंचे थे। उस वक्त अखिलेश ने आजम की तबीयत के बारे में भी जानकारी ली थी। तजीन फात्मा ने उस वक्त मीडिया से बात करते हुए साफ कहा था कि अखिलेश का आना अच्छा लगा लेकिन उन्होंने कोई खास मदद का आश्वासन नहीं दिया था। उस वक्त अखिलेश से तजीन की कोई खास बात नहीं हुई थी।
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