रामपुर। भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष में योगदान देने की इच्छा जताने वाले हेड कांस्टेबल चमन सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि उक्त कांस्टेबल पर अनुशासनहीनता के साथ-साथ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह कई बार निलंबित किया जा चुका है। दो वर्ष पूर्व उस पर एसपी कार्यालय में घुसकर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और तत्कालीन सिविल लाइंस थाना प्रभारी से मारपीट करने का आरोप भी है। पुलिस ने उसके कारनामों का पूरा ब्योरा जारी किया है।
भारत-पार्क संघर्ष के बीच चमन सिंह नामक हेड कांस्टेबल ने डीजीपी को पत्र लिखकर सीमा पर तैनाती की अनुमति मांगी थी और सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया था, जो वायरल हो गया। इस हरकत को अनुशासनहीनता मानते हुए उसका तबादला लखीमपुर खीरी कर दिया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड सार्वजनिक किया।
एसपी विद्या सागर मिश्र के अनुसार, दो फरवरी 2021 को चमन सिंह को थाना खजुरिया से अयोध्या ड्यूटी पर भेजा गया था, लेकिन वह रवाना नहीं हुआ। इस पर परिनिंदा की कार्रवाई की गई। पांच अगस्त 2022 को उसने सिविल लाइंस क्षेत्र में आम लोगों से मारपीट की, जिस पर उसे निलंबित किया गया। 19 फरवरी 2023 को एसपी कार्यालय में ड्यूटी कर रहे कर्मियों से अभद्रता और सिविल लाइंस थाना प्रभारी से मारपीट व जातिसूचक शब्द कहे जाने के मामले में फिर निलंबन हुआ था।
पुलिस के अनुसार, चमन सिंह के विरुद्ध विभिन्न थानों में दर्ज पांच आपराधिक मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। उसे चार बार प्रतिकूल प्रविष्टियां दी गईं और तीन वर्षों के लिए न्यूनतम वेतन पर कार्य करने का दंड भी मिल चुका है।
एसपी के मुताबिक, चमन सिंह द्वारा की गई शिकायतों पर पुलिस मुख्यालय ने पूर्व में पत्राचार कर उसकी गतिविधियों पर संज्ञान लिया था और इसके आधार पर उसका स्थानांतरण लखीमपुर खीरी कर दिया गया था।