रामपुर। जनपद में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। महज 53 दिन के भीतर यहां 62 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 44 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 42 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। पुलिस विभाग के ये आंकड़े बताते हैं कि जिले में हर दिन औसतन एक से अधिक हादसा हो रहा है।
इन हादसों की भयावकता को देखते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही साफ झलकती है। जिले में ट्रैफिक जागरूकता का स्तर लगभग शून्य है। अधिकांश लोग बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते हैं और सीट बेल्ट लगाना तो दूर की बात है। वहीं, हाईवे पर बने अवैध कट भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, जिससे वाहन चालकों की जोखिम और बढ़ जाता है।
प्रशासन और पुलिस की मौजूदा कार्रवाई महज औपचारिकता भर नजर आती है। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई सीमित है और न तो पुलिस और न ही परिवहन विभाग इसे रोकने के लिए कोई ठोस रणनीति अपना रहा है। यातायात नियमों के प्रति लोगों की उदासीनता और प्रशासन की सख्ती न होने के कारण ये हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार रामपुर जिले में एक जनवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक 62 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इसमें 44 लोगों की मौत हुई है। 42 लोग दुर्घटना में घायल हुए हैं।