शाहबाद। 10 सितंबर को पुल से नीचे रामगंगा में छलांग लगाने के बाद लापता हुई 22 वर्षीय निशा के मामले में अब उसके पिता वाहिद ने कंपनी की मैनेजर रहनुमा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी करीब चार साल से कंपनी में काम कर रही थी, लेकिन उसका प्रमोशन नहीं किया गया था।
आरोप है कि इसी बात को लेकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और आत्महत्या के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगा है। निशा ने नदी में छलांग लगाने से पहले अपनी मां के मोबाइल पर मैसेज भेजकर अपनी परेशानी और मौत के लिए मैनेजर रहनुमा को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिलक के लखीमपुर भीका निवासी वाहिद की बेटी निशा रामपुर शहर की इंदिरा कॉलोनी स्थित पुखराज हर्बल कंपनी में फील्ड वर्क करती थी और कार्यस्थल पर ही रहती थी। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी निशा का कंपनी की मैनेजर रहनुमा से अंदरूनी मनमुटाव चल रहा था।
आरोप है कि करीब चार साल कंपनी में काम करने के बाद भी उसका प्रमोशन नहीं किया गया था। पिता का आरोप है कि प्रमोशन न होने को लेकर निशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था।
आरोप है कि घटना वाले दिन 10 सितंबर को दोपहर करीब 1:10 बजे निशा ने अपनी मां के मोबाइल पर अपने नंबर से मैसेज भेजा था। इस मैसेज के बाद निशा शाहबाद स्थित रामगंगा पुल पर पहुंची थी और नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के बाद से एसडीआरएफ और परिजन लगातार उसकी तलाश करते रहे, लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल सका है।
सीओ देवकीनंदन ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उस पर कार्रवाई की जाएगी।