रामपुर। मानसून से पहले नालों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के कई इलाकों में खुले नाले लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। नालों के कवर न होने और आसपास फैली गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
शाम होते ही मच्छरों की भरमार से लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो रहा है। खासकर बरेली गेट, बिलासपुर गेट और स्वार रोड, शौकत अली रोड, पनवड़िया के नाले बदहाली की तस्वीर बयां कर रहे हैं।
मानसून के दौरान नालों की सफाई पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए गए थे। सफाई के बाद लोगों को जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने और गंदगी से राहत की उम्मीद थी, लेकिन कई स्थानों पर नाले अब भी खुले पड़े हैं। नालों के किनारे जमा गंदगी और इनमें रुका पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन रहा है। ऐसे में सफाई व्यवस्था पर खर्च हुई रकम के बावजूद लोगों की समस्या कम होने के बजाय बढ़ती नजर आ रही है।
खुले नालों को लेकर पहले भी हादसे और समस्याएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद जिस इलाके में पहली घटना सामने आई थी, वहां आज तक नाले को कवर नहीं किया जा सका है। हादसे रोकने को लेकर की गई तैयारियों और दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नाले खुले रहने से बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बना हुआ है।
बारिश के बाद नालों में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और नालों को ढकने की व्यवस्था नहीं होने से समस्या हर साल गंभीर हो जाती है। लोगों ने खुले नालों को जल्द कवर कराने के साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है।
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नालियां भी हो चुकी चोक
नगर पालिका क्षेत्र में अधिकतर नाले कूड़े से चोक पड़े हैं। बी अम्मा गेट का बड़ा नाला, शौकत अली रोड और सिविल लाइन क्षेत्र के नालों में गंदगी जमा है। इसके अलावा आफरीदियान, तिलक कॉलोनी और तीतरवाली पाकड़ समेत कई इलाकों में नालियां चोक होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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शाम के सात बजते ही नालों से निकलते हैं झुंड
नाले ढके न जाने से शाम के सात बजते ही नालों से मच्छरों के झुंड निकल पड़ते हैं और यह घरों में घुसकर सारी रात लोगों की नींद उड़ाते हैं। यदि नाले कवर हो जाते तो दुर्गंध और मच्छरों दोनों से छुटकारा मिल जाता।
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क्या कहते हैं लोग-
खुले नालों की वजह से अक्सर खतरा बना रहता है। खासकर इनके सफाई न होने से मच्छर पनपते हैं और घरों में घुसकर नींद उड़ाते हैं। इन नालों की सफाई बेहद जरूरी है। -अमित
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हमारे इलाके में कचरा काफी ज्यादा पड़ा रहता है और नाला चोक काफी है, जिससे कुछ आगे बढ़ाकर जल भराव की स्थिति आ जाती है। इसकी सफाई कराना चाहिए। -राकेश
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खुले नालों की वजह से हादसे हो रहे हैं। इन नालों को जल्द से जल्द बंद कर देना चाहिए। अभी तो मानसून भी बाकी है। -नोमान
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बारिश काफी ज्यादा हो रही है। तेज बारिश में नाले के पास जाते डर लगता है। इस समस्या से जितनी जल्दी हो सके उतना सही है। इस समस्या से निजात जरूरी है। -शमी
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नालों की सफाई के साथ फॉगिंग भी कराई है। एक बार फिर से अभियान चलाकर फॉगिंग करा दी जाएगी और जहां कभी भी नालों की दिक्कत है, उसके लिए भी टीम को निर्देश दिए गए हैं। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका