नफरती भाषण के मामले में दो साल की सजा के खिलाफ दायर आजम खां की अपील पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह ने कहा कि सपा नेता को निचली अदालत ने विधि सम्मत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सजा सुनाई है।
सपा नेता आजम खां समेत छह लोगों के खिलाफ दर्ज मारपीट कर धमकाने के मामले में पीड़ित ने कोर्ट पहुंचकर बयान दर्ज कराए। कोर्ट ने जिरह के लिए 25 जनवरी की तारीख तय की है। सपा नेता के खिलाफ उनके पड़ोसी आरिफ रजा ने गंज थाने में 2019 में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि सपा नेता आजम खां, फरहान खां समेत छह लोगों ने उनके साथ मारपीट की और धमकी दी।
भाकियू टिकैत के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद की अंतरिम जमानत की अवधि कोर्ट ने 17 जनवरी तक बढ़ा दी है। उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। उनके खिलाफ अगस्त में भाजपा नेता फसाहत अली खां शानू ने मुकदमा दर्ज कराया था।
सिविल लाइंस थाने में दर्ज इस मुकदमे में पुलिस ने पिछले माह किसान नेता को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी। बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई के बाद 17 जनवरी तक उनकी अंतरिम जमानत की अवधि कोर्ट ने बढ़ा दी।