रामपुर। परिषदीय स्कूलों के विलय करने में की गई मनमानी के आरोप को शासन द्वारा गंभीरता से लिए जाने के बाद जिला स्तर पर एक बार फिर से विलय स्कूलों को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि लगभग एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों का विलय समाप्त किया जा सकता है। इसको लेकर अफसरों का कहना है कि जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी।
शासन ने पिछले दिनों 50 या फिर उससे कम बच्चों वाले स्कूलों का उसी ग्राम पंचायत के दूसरे स्कूल में विलय करने के आदेश जारी किए थे। इसके लिए विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई थी। इसके बाद रामपुर में कुल 337 परिषदीय स्कूलों का विलय दूसरे स्कूलों में किया गया था, जिसको लेकर शिक्षक संघों ने आपत्ति जताई थी। शिक्षक संघों ने इसको लेकर प्रदर्शन भी किए थे। शिक्षक संघों ने आपत्ति जाहिर की थी। मुद्दा गर्माया है तो शासन ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब विलय किए गए स्कूलों को लेकर एक बार फिर से मंथन शुरू कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े अफसरों ने इसको लेकर अब विलय किए गए स्कूलों की दूरी से लेकर अन्य मानकों को फिर से जांचना शुरू कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि करीब एक दर्जन से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं,जिनका विलय खत्म किया जा सकता है। फिलहाल माथापच्ची चल रही है।
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-स्कूलों के विलय को लेकर एक बार फिर से मंथन शुरू किया गया है। दो तीन दिन में स्थिति साफ हो जाएगी कि कितने स्कूलों का विलय खत्म होगा। फिलहाल विचार चल रहा है। -कल्पना देवी बीएसए