रामपुर। बीजी सीरीज नंबर प्लेट घोटाले के मामले में आरोपी रामपुर के डीबीए के निलंबन की संस्तुति के बाद पद खाली होने से अटके कामों को देखते हुए मुरादाबाद के डीबीए सचिन श्रीवास्तव को रामपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। यह व्यवस्था नए डीबीए की नियुक्ति तक रहेगी।
घोटाले में आरोपी एआरटीओ राजेश श्रीवास्तव और डीबीए रामपुर के निलंबन की सिफारिश के बाद से यह पद खाली चल रहा था, जिससे परिवहन विभाग के कई कार्य प्रभावित हो रहे थे। ऑनलाइन डाटा फीडिंग का काम भी ठप था, जिसके चलते रिकॉर्ड को फ्रीज कर दिया गया था।
इन हालात में पहले एआरटीओ के कार्यभार की वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए आरआई अवनेश कुमार को यह जिम्मेदारी दी गई थी। अब डीबीए का कार्यभार मुरादाबाद के अधिकारी को सौंपा गया है। उनके पास अब रामपुर के सभी परिवहन रिकॉर्ड की जिम्मेदारी होगी।
इस बीच, एआरटीओ की अनुपस्थिति में लगभग 150 स्थायी लाइसेंस के आवेदन हस्ताक्षर के लिए अटके हुए थे। कार्यवाहक एआरटीओ अवनेश कुमार ने मंगलवार को इन पर हस्ताक्षर कर प्रक्रिया को फिर से शुरू किया।
मुरादाबाद के आरटीओ राजेश सिंह ने बताया कि जनता को हो रही दिक्कतों को देखते हुए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मुरादाबाद के डीबीए रामपुर का कार्यभार संभालेंगे, जब तक कि नई तैनाती नहीं हो जाती।