रामपुर। सपा नेता आजम खां के बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ मारपीट और मतदान से रोकने के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से गवाह मेहरबान को पेश किया गया। अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा के अनुसार गवाह घटना के समय मौके पर था।
उसने घटना का समर्थन किया। गवाह से अब्दुल्ला के अधिवक्ता विनोद शर्मा ने जिरह भी की। गवाही पूरी हो गई है। अब इस मामले में सात सितंबर को सुनवाई की जाएगी।
अब्दुल्ला के खिलाफ यह मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का है। पांच दिसंबर 2022 को शहर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। मतदान के दो दिन बाद रजा डिग्री कॉलेज के पास रहने वाले नदीम खां ने गंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि वह मतदान के दिन शाम चार से पांच बजे के बीच वोट डालने गए थे। आरोप है कि वहां अब्दुल्ला अन्य सपाइयों व मीडिया कर्मियों के साथ बार-बार रजा डिग्री कॉलेज पर बने मतदान केंद्र के अंदर जाकर फर्जी वोट डलवा रहे थे।
पुलिस द्वारा रोकने पर अब्दुल्ला के साथ चल रहे मीडिया कर्मियों ने पुलिस को धमकाया, जबकि इन मीडिया कर्मियों के पास प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं थी। पुलिस ने इस मामले में अब्दुल्ला समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।