नगरपालिका परिसर में चल रही उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ की मीटिंग को पुलिस ने रुकवा दिया। बिना अनुमति के मीटिंग करने की बात कहकर पुलिस ने संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों को परिसर से बाहर जाने के लिए कह दिया। पुलिस से मजदूर संघ के पदाधिकारियों की नोकझोंक भी हुई।
बाद में मजदूर संघ के सभी पदाधिकारी और सदस्य परिसर से चले गए। संघ ने पालिका के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान किया है। पालिका परिसर में सोमवार सुबह उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ की मीटिंग शुरू हुई। मीटिंग में भाग लेने के लिए संघ के प्रांतीय अध्यक्ष एनआर वाल्मीकि, उपाध्यक्ष जगदीश वाल्मीकि, प्रदेश महामंत्री हरवीर सिंह महरौल सहित अन्य पदाधिकारी आए थे।
मीटिंग शुरू हुई तो पालिका के अधिकारियों ने आपत्ति जताई कि बिना अनुमति के मीटिंग क्यों की जा रही है? थोड़ी देर के बाद पालिकाध्यक्ष अजहर खां भी पहुंच गए। उन्होंने पूछा कि किसकी अनुमति से परिसर में मीटिंग की जा रही है? पालिका के अधिकारियों ने पुलिस बुला ली। कोतवाली और सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने मीटिंग को रुकवा दिया। माइक और बैनर हटवा दिए। मजदूर संघ के पदाधिकारियों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों को परिसर से जाने के लिए कहा। सभी लोग बाहर चले गए। इसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने दूसरी जगह पर मीटिंग कर पालिका के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान किया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष एनआर वाल्मीकि ने कहा कि वर्तमान समय में पूरे प्रदेश में सफाई कामगारों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रामपुर है। सफाई कामगारों को अपने कार्यालय पर मीटिंग करने से रोकने से ही प्रतीत होता है कि प्रदेश सरकार का कायदा-कानून रामपुर में लागू नहीं होता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश वाल्मीकि और प्रदेश महामंत्री हरवीर सिंह महरौल ने कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर सुनीता वाल्मीकि पुरुषोत्तम सरन करोतिया, अजयपाल, दीप सिंह, सरजू सरण, अशोक कुमार, राधेश्याम, सर्वेश, सुदेश, कैलाश, रवि कुमार, मनीष, नारायण दास व चेतन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।