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डाक्टर बोलीं, मेरी मौजूदगी में नहीं हुआ प्रसव

Mon, 30 Nov 2015 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
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महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की गर्दन कटने के मामले में अस्पताल से जुड़े डाक्टर और स्टाफ ने पल्ला झाड़ लिया है। अस्पताल की सीनियर डाक्टर ने अपने बयान में साफ कहा कि नवजात की मौत के वक्त वो ड्यूटी पर मौजूद ही नहीं थीं। उन्हें तो बाद में महिला के आपरेशन के लिए बुलाया गया था।
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कुछ इसी तरह के बयान नर्स और अन्य स्टाफ ने दिए हैं। महिला अस्पताल में पिछले दिनों प्रसव के लिए आई एक महिला के साथ हैवानियत भरा सलूक किया गया था। प्रसव के दौरान नवजात गर्भ में फंस गया था। उसे कमरबंद से बांधकर बाहर निकाला गया था, जिससे नवजात का सिर धड़ से अलग हो गया था।


सिर धड़ से अलग होने के बाद इस मुद्दे पर जमकर बवाल हुआ था। इस बवाल के बाद ड्यूटी पर मौजूद संविदा डाक्टर और नर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। नगर विकास मंत्री आजम खां की नाराजगी के बाद हरकत में आए प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए थे।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल के स्टाफ को नोटिस जारी करते हुए बयान दर्ज कराने के आदेश दिए थे। मामले में सोमवार को महिला अस्पताल की डाक्टर अनीता शर्मा, नर्स पदमा और सफाई कर्मचारी सुशीला ने सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। सभी ने अपने बयानों में नवजात की मौत के मामले से पल्ला झाड़ लिया।


डा. अनीता शर्मा ने यहां तक कहा कि उनकी मौजूदगी में प्रसव नहीं हुआ। वो तो बाद में आपरेशन के वक्त यहां पहुंची थी। फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल ने इस मामले में अभी अस्पताल छह और कर्मचारियों को बयान के लिए तलब किया है।
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