पटवाई। पुलिस ने 23 दिन पहले दफन किए गए महिला के शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक महिला के परिजनों ने ससुराल के लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर जांच की मांग की है।
पटवाई थाना क्षेत्र के गोसमपुर गांव निवासी फिरासत की पत्नी नाजिया (30) की सात सितंबर को ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई थी। ससुराल के लोगों का कहना था कि वह सुबह सीढ़ी से फिसल गई थी, जिससे चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। सूचना के बाद मायके पक्ष के लोग पहुंचे थे और उनकी बात मानकर नाजिया को दफन कर दिया गया था।
दफन के तीन दिन बाद महिला के परिजनों को हत्या की आशंका हुई। इसके बाद नाजिया के पिता अली अहमद ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी नाजिया का विवाह छह वर्ष पूर्व पटवाई क्षेत्र के गोसमपुर निवासी फिरासत के साथ हुआ था। विवाह में हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया गया था। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही फिरासत और ससुराल के लोग बेटी को दहेज के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, मारपीट और गाली-गलौज करते थे।
बताया कि बेटी के तीन बच्चे अल्फेज, अली अहमद और एक दो साल का बच्चा था। बच्चों की परवरिश को देखते हुए बेटी उनके जुल्म सहती रहती थी। आरोप लगाया कि सात सितंबर को उनके बेटे आसिफ के पास फिरासत का फोन आया, जिसमें उसने कहा कि दहेज न देने के कारण नाजिया को मार डाला है। बताया कि बेटी की ससुराल पहुंचकर देखा तो वह मृत अवस्था में पड़ी थी। उसके सिर पर चोट का गहरा निशान और गले पर भी चोट का निशान था।
अब पुलिस ने शिकायत के अनुसार डीएम के आदेश पर 23 दिन बाद बुधवार को नाजिया के शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस मौके पर नायब तहसीलदार, शाहाबाद सीओ देवकीनंदन और पटवाई पुलिस मौजूद रही।
सीओ देवकीनंदन ने बताया कि आरोपों के बाद शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।