चीनी मिल के क्वार्टर पर अवैध तरीके से कब्जा करने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष समेत 24 कब्जेदारों को मकानों को तत्काल खाली करवाने के आदेश दिए हैं। सभी से क्षतिपूर्ति वसूले जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। आदेश के बाद खलबली मची है।
चीनी मिल की जमीन पर जेल का निर्माण प्रस्तावित है। जेल निर्माण के लिए मिल के क्वार्टरों को खाली कराया जाना है। इसको लेकर श्रमिकों और प्रशासन के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। कई मामले हाईकोर्ट तक पहुंचे हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया है कि मामले में विधिक कार्रवाई करते हुए कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की ओर से 64 मामलों में विधिक कार्रवाई की शुरुआत की गई थी। इन लोगों के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सुनवाई शुरू की गई। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 24 मुकदमों का फैसला सुना दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह औलख समेत 24 कब्जेदारों को आदेश दिए हैं कि वे तत्काल क्वार्टरों को खाली कर दें।
चीनी मिल को आदेश दिया गया है कि मिल प्रशासन इन कब्जेदारों से क्षतिपूर्ति भी वसूले। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने औलख से 60 हजार रुपये क्षतिपूर्ति वसूलने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा अन्य 23 से भी क्षतिपूर्ति वसूलने के आदेश दिए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से कब्जेदारों को झटका लगने के बाद कब्जेदारों ने सेशन कोर्ट में शरण ले ली है। बताया जाता है कि इन लोगों ने सेशन कोर्ट की शरण ली है, जिस पर कई मामलों में सुनवाई शुरू होने जा रही है।