शिकायत के बाद भी छेड़खानी पर कार्रवाई न होने पर क्षुब्ध फंदे पर झूली युवती के मामले में लापरवाही पर एक दरोगा को लाइनहाजिर कर दिया गया है। युवती केपरिजनों ने कार्रवाई न होने तक अंतिम संस्कार रोका। जिसको लेकर प्रशासन का गांव दौड़ना पड़ा। कार्रवाई का भरोसा मिलने पर ही परिजनों ने युवती का अंतिम संस्कार किया।
कोतवाली क्षेत्र के काशीपुरा गांव निवासी जयपाल की बेटी शांति देवी कमरे में फांसी के फंदे पर बुधवार को लटकी मिली थी। आरोप था कि पुलिस ने बेटी के साथ छेड़खानी के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जिससे क्षुब्ध उनकी बेटी ने फंदे पर लटककर जान दे डाली। आत्म हत्या की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया था। परिवार वाले बुधवार को अपनी बेटी का शव लेकर एसपी के यहां पर पहुंचे थे और युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया था और शव लेकर यहीं पर धरने पर बैठ गए थे। जहां पर सीओ सिटी दिनेश कुमार शुक्ला ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। जिस पर वह शव लेकर अपने दे रात गांव चले आए ,लेकिन उन्होंने अपनी बेटी की अंत्यषि्ट कार्रवाई होने तक रोक दिया। जानकारी कोतवाल आरबी कौल और सीओ ओपी आर्य को मिली। तब वह गांव पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
परिवार के नहीं माना तो उपजिलाधिकारी लालता प्रसाद शाक्य भी पहुंचे। जिस पर उनको कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 18 मार्च को दर्ज मुकदमे में छेड़खानी, आत्म हत्या के लिए उकसाने और मानव की जीवन संकट में डालने वाला काम करने वाली तीन धाराएं बढाकर जोड़ दी गई हैं। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। तब पुलिस मौजूदगी में अंत्येष्टि हुई। एसपी ने हल्का में तैंनात उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। कोतवाल आरबी कौल का कहना है कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होगी।