किराए को लेकर हुए विवाद पर छात्र ने अपने साथियों के साथ बस चालक की पिटाई कर दी। भड़के चालक और बस परिचालकों ने कालेज के सामने मिलक-बिलासपुर रोड पर जाम लगा दिया। जाम से वाहनों की लगी कतार लग गई।
मिलक-बिलासपुर रोड पर एक निजी बस बिलासपुर सवारी लेकर गुरुवार को दोपहर मिलक आ रही थी। इस पर बस परिचालक केमरी के मुहल्ला मौजुल्लानगर निवासी शफीक अहमद और बस चालक कोनूपुर बलकार सिंह निवासी आनंदपुर बिलासपुर निवासी थे। इस बीच बस सवार कुछ छात्रों से बकौल प्रत्यक्षदर्शी किराए को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
आरोप है कि बस खमरिया स्थित डिग्री कालेज से आगे निकल कर रठौंडा चौराहे पर पहुंची तब ऐमी गांव निवासी ज्ञानेंद्र कुमार अपने कुछ साथियों के साथ पहुंच गया और बस के आगे बाइकें लगा दीं। आरोप है कि आरोपी लोगों ने बस चालक से मारपीट की। इस पर हंगामा हो गया और बस सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई। मारपीट पर भड़के बस संचालक ने बकौल प्रत्यक्षदर्शी कालेज के सामने रठौंडा से दो किलोमीटर पीछे ले जाकर मिलक-बिलासपुर रोड पर जाम लगा दिया और रोड पर आडी-तिरछी बस लगा दी।
जाम के कारण रोड पर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। जाम लगने की सूचना पुलिस पर पहुंची और पुलिस ने बस संचालकों से हड़काया जाम खुलवाया। कोतवाली प्रभारी रवि कुमार का कहना था कि यदि किसी ने मारपीट की है तब उसको पुलिस में शिकायत करनी चाहिए।जाम लगाने का बस संचालकों को किसने अधिकार दिया। पुलिस के तेवर देखते बस संचालकों ने जाम खोल दिया और आड़ी-तिरछी खड़ी बसों को रोड से हटाया।
इस पर करीब एक घंटे ठप रोड पर आवागमन सुचारू हो सका। मामले को लेकर बस चालक ने ज्ञानेंद्र तथा कुछ अज्ञात के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें आरोप है कि आरोपी के साथी बस को कालेज तक लौटाकर ले गए। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।