विभिन्न मांगों को लेकर जिले के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हड़ताल रही। बैंक कर्मियों ने बैंकों में ताले लगाकर इंडियन बैंक एसोसिएशन और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जोरदार प्रदर्शन किया। इससे करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
जिले के तमाम बैंक कर्मी बुधवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले भारतीय स्टेट बैंक की मुख्यशाखा में एकत्र हुए। इसके बाद सभी ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर यूनियन्स के संयोजक एमके चौहान ने कहा कि इंडियन बैंक एसोसिएशन को अधिकारियों और कर्मचारियों की 25 फीसदी वेतनवृद्धि की मांग की गई थी, लेकिन एसोसिएशन ने सिर्फ दो फीसदी की वृद्धि का ऑफर दिया है। इससे मेहनती बैंक कर्मियों का मनोबल गिरा है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सह संयोजक विमल कपूर ने कहा कि यदि इंडियन बैंक एसोसिएशन ने बैंक कर्मियों की मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। सह संयोजक जगमोहन अग्रवाल ने कहा कि आईबीए को शीघ्र ही मांगों को पूरा करना होगा। लेकिन, बैंक कर्मियों की मांगों को गंभीरता से नहीं माना गया तो विरोध और तेज होगा। स्टेट बैंक अधिकारी संगठन के जिला मंत्री हरिओम सक्सेना ने कहा कि आईबीए मनमानी पर उतारू है।
सरकार भी बैंक कर्मियों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। यूनियंस के संगठन मंत्री आशुतोष गुप्ता ने कहा कि दो फीसदी की वृद्धि से बैंक कर्मियों के मनोबल पर खराब प्रभाव पड़ा है। इस पर सरकार को शीघ्र ही निर्णय करना होगा।
वहीं, बैंक में हड़ताल की वजह से करीब दस करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। ग्राहकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मौके पर धनराज, अरविंद सिंह, ओपी यादव, रवि भारती, पान सिंह बिष्ट, तसलीम मियां, कैलाश चन्द्र, राहुल अग्रवाल, शिवकुमार गुप्ता, संतोष त्रिपाठी, गोविंद शर्मा, जीडी जोशी, हर्षित गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
उधर मिलक में बैंकों की हड़ताल के कारण नगर एवं क्षेत्र की बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। नगर एवं क्षेत्र में बैंकों में हड़ताल के कारण काम-काज ठप रहा। जिसके चलते बैंकों में ताले लटके रहे। वहीं हड़ताल के कारण ग्राहकों को परेशानी हुई। उनके अपने कामकाज नहीं निपट पाए।