रामपुर। जायका-ए-रामपुर को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन के स्तर से कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए रामपुर के पारंपरिक मिष्ठान पर आधारित इन्वेंट्री तैयार की जा रही है। मिष्ठान और खाद्य उत्पादों के बारे में जानकारी के लिए डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा। जिसमें क्यूआर कोड के रूप में मेन्यू कार्ड व आईडी कार्ड शमिल होगा। साथ ही पान दरीबा में दिल्ली की पराठा वाली गली की तर्ज पर स्ट्रीट वेंडिंग जोन भी विकसित किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने रामपुर शहर के बेकरी उत्पाद से जुड़े लोगों के साथ बैठक की और उनके उत्पादों की विशेषताओं पर विस्तृृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि रामपुर के पारंपरिक मिष्ठान व उत्पादों पर आधारित एक इन्वेंट्री तैयार कराई जा रही है। इन्वेंट्री में मिशन शक्ति तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के सरकार के विजन को साकार रूप देने के उद्देश्य से ऐसी घरेलू महिलाओं की डिसेज भी शामिल की जा रही हैं, जो स्वाद व रैसिपी के दृष्टिगत विशिष्ट हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स की भी विशेषताओं को इस इन्वेंट्री में सम्मिलित किया जा रहा है। इन सभी रैसिपी की विशेषताओं के बारे में अधिकतम लोगों को जानकारी मुहैया कराने के लिए क्यूआर कोड के रूप में मेन्यू कार्ड एवं आईडी कार्ड में डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामपुर की पारंपरिक विशेषताओं को समाहित करके ठेले पर बिकने वाले विशिष्ट उत्पादों से जुड़े स्ट्रीट वेंडर्स विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, ताकि इनका डाक्यूमेंट तैयार हो और स्ट्रीट वेंडिग जोन में शामिल किया जा सके। घरेलू महिलाओं द्वारा तैयार बेहतरीन रैसिपीज को भी पहचान दिलाने के लिए तथा इन महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए उनकी रैसिपी को बाजार में लोकप्रिय बनाने की कार्ययोजना है। उन्होंने कहा कि ऐसी घरेलू महिलाएं भी संपर्क कर सकती हैं। शक्ति इंटरप्रन्योर के रूप में इन महिलाओं को पहचान दिलाई जाएगी। रामपुर शहर स्थित पान दरीबा गेट पर पहला स्ट्रीट वेंडिग जोन बनेगा। इस वेंडिग जोन को दिल्ली की पराठा वाली गली की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और विशिष्ट पारंपरिक खाद्य सामाग्रियों से जुड़े स्ट्रीट वेंडर्स को क्यू-आर कोड के साथ ही कार्ट भी आवंटित किया जाएगा।