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Rampur: बरसात में जमकर बरसे आजम खां, बोले- 'एक फ्यूज बल्ब तक नहीं बदलवा पाए हैं, नाम भी ठीक से नहीं करवाए'

Mon, 01 May 2023 04:23 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

रामपुर में सपा नेता आजम खां ने एक रैली के दौरान भाजपा सरकार पर जमकर बरसते हुए कहा कि विकास का दावा करने वाले एक फ्यूज बल्ब तक नहीं बदलवा पाए हैं। 
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आजम खां, सपा नेता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बादल के साथ-साथ सपा नेता आजम खां भी रविवार की रात जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि रामपुर वालों से किसी को कोई मतलब नहीं है, जो चिकनी-चुपड़ी बातें कर रहे हैं सब धोखा है। दरअसल, ये लोग रामपुर के लोगों से बदला लेना चाहते हैं। इसलिए यहां के लोगों के हाथों में चाकू थमाने का इंतजाम किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि यहां हालात वैसे बन जाए जैसा कि चालीस साल पहले थे। जब एक दिन में चार-चार मर्डर हुआ करते थे।

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सपा नेता आजम खां रविवार की रात मोहल्ला नालापार में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रामपुर के बच्चे पढ़े-लिखे नहीं इसकी साजिश रची जा रही है। इसके लिए स्कूल बंद कराए जा रहे हैं। रामपुर पब्लिक स्कूल बंद करा दिया गया। बिल्डिंग खाली करा दी गई। पूरे हिंदुस्तान में ऐसा उदाहरण नहीं मिलेगा कि जिस स्कूल में 1600 बच्चे पढ़ते हों और उसे बंद करा दिया जाए। यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। 

आगे कहा कि इसके पीछे सिर्फ एक वजह है कि यहां बच्चे पढ़े नहीं। रामपुर पब्लिक स्कूल में मामूली फीस में बच्चे अच्छी तालीम हासिल करते थे। लेकिन इनको ये गवारा नहीं है। यूनिवर्सिटी की वजह बनारस और अलीगढ़ की पहचान है। हम रामपुर की पहचान भी वैसा ही बनाना चाहते थे। आजम खां ने कहा कि विकास का दावा करने वाले अब तक एक फ्यूज बल्ब नहीं बदलवा सके हैं। हमने जो विक्टोरिया लाइटें लगवाई थीं, उसको उतार कर ले गए। हमने जो गेट बनवाए थे उनका नाम बदल दिया। अरे, नाम ही रखना है तो कुछ नया बनवा लिया होता, पुराने का नाम क्यों बदल रहे हो। नाम भी पूरी तरह नहीं बदला, एक-एक गेट पर दो-दो नाम लिखे हुए हैं। ये तो कारनामे हैं इनके।
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आजम खां ने कहा कि तुमने तो हमसे कलम भी नहीं मांगी थी, लेकिन मैंने कलम का इंतजाम किया। इलाज के लिए अस्पताल बनवाया है। उन्होंने कहा कि अगर मैंने अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का इंतजाम न किया होता तो कोरोना की पहली और दूसरी लहर में न जाने कितने लोग मर गए होते। हमारे ही मेडिकल कॉलेज की इमारत इस्तेमाल हुई कोरोना के काल में। उन्होंने कहा कि गमों की रात लंबी जरूर है, लेकिन इससे डरो मत, सूरज बन जाओ।

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