सपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री आजम खां ने नकवी साहबान को 1857 के गद्दार करार दिया। उन्होंने कहा है कि यह आरएसएस के मजबूत वर्कर हैं। इन्होंने मुस्लिम इत्तेहाद को पारा-पारा छिन्न-भिन्न किया है। वहीं आजम ने प्रदेश सरकार के कर्जमाफी के फैसले को किसानों के साथ वादा खिलाफी बताया और कहा कि सभी किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए।
आजम खां ने बुधवार को पत्रकारों से शिया पर्सनल ला बोर्ड के लोगों के रवैये से मजबूती से आगे बढ़ने वाले शिया सुन्नी इत्तेहाद को बहुत नुकसान पहुंचाने की बात कही। कहा कि खासतौर पर नकवी साहबान ने जैसे 1857 के गद्दारों में जिनका नाम आता है, जैसे मीर जाफर नकवी, मीर सादिक नकवी, हैदर अब्बास नकवी, कल्ब ए जव्वाद नकवी, मुख्तार अब्बास नकवी, एजाज अब्बास नकवी, काजिम अली नकवी, ये जो नकवी साहबान हैं यह मुस्लिम इत्तेहाद को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुसलमानों के खास तबके को टारगेट किया है इन्होंने। इसमें कोई शक नहीं कि यह आरएसएस के मजबूत वर्कर हैं।
आरएसएस के एजेंडे पर इन्होंने काम किया है। भाजपा सरकार को बनाने में इनका बहुत बड़ा रोल है। जाहिर है कि मुसलमानों के दूसरे तबकों को बहुत योजनाबद्ध तरीके से नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड पर आरएसएस के एजेंडे पर काम करने के आरोप से किनारा करते हुए आजम खां ने नकवी साहेबान का नाम लिया।