सहारनपुर हिंसा के पीड़ित दलित परिवारों को रामपुर की समाजवादी पार्टी गोद लेगी। मंगलवार देर रात तक चली कोर कमेटी की बैठक में पूर्व मंत्री आजम खां ने यह फैसला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी जमकर निशाना साधा।
तोपखाना स्थित सपा कार्यालय पर हुई बैठक में सबसे पहले दलितों पर हुए अत्याचार के विरोध में दो मिनट का मौन धारण किया। इसके बाद बैठक शुरू हुई। इस दौरान पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि स्वामी चिन्मयानंद से तो दुष्कर्म का केस वापस ले लिया, लेकिन साक्षी महाराज पर दर्ज दुष्कर्म का केस वापस नहीं लिया गया है।
ये उनके साथ नाइंसाफी है। अपराधियों और दुष्कर्म के आरोपियों के लिए जेल के दरवाजे खोल देने चाहिए। कहा कि रामपुर में भी भाजपा नेताओं पर यौन शोषण के कई मामले दर्ज हैं, लेकिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इन फाइलों को दबा दिया गया है। ऐसे मामलों की जांच एसआईटी गठित कर कराई जानी चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अखंड भारत की बात कहते हैं, लेकिन जो प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मां को शॉल भेंटकर आता हो वह अखंड भारत का सपना पूरा नहीं कर सकता। अखंड भारत का सपना तभी पूरा हो सकता है जब मेरे जैसा व्यक्ति प्रधानमंत्री की कुर्सी पर हो। बैठक में सहारनपुर हिंसा के पबीड़ित दलित परिवारों को गोद लेने का निर्णय लिया गया।
इस बीच बैठक में रामपुर पुलिस के खिलाफ होने वाले आंदोलन को लेकर भी चर्चा की गई। इसके लिए आजम खां ने चमरौआ विधायक नसीर खां के नेतृत्व में सात सदस्यों की कमेटी गठित कर दी है, जो पूरे आंदोलन की रणनीति और समय तय करेगी। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य घनश्याम सिंह लोधी, जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत खाीं शानू, आरिफ चौधरी, वीरेंद्र गोयल, ओमेंद्र चौहान, अजहर खां, गुड्डू मसूद उपस्थित रहे।