पूर्व मंत्री और सपा के कद्दावर नेता आजम खां ने बसपा से नसीमुद्दीन सिद्दीकी को छह साल से निकाले जाने के सवाल पर कहा है कि यह बसपा का अपना निजी मामला है। वैसे पार्टियां नुकसानदेह साबित होने पर निकाल देती हैं।
आजम खां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि याद होगा आपको हम भी पार्टी से निकाले गए थे, फिर बाद में लिए भी गए, अभी भी हैं और कुछ नहीं कह सकते कौन कब किस पार्टी से निकाल दिया जाए। पार्टियां दरअसल अपने फायदे देखती हैं, जब तक आप उनके लिए पार्टियों के लिए फायदेमंद हैं बहुत फायदेमंद हैं, तब तक आपको रखा जाएगा, जब आप फायदेमंद नहीं रहे या नुकसानदेह हो गए तो निकाल देना चाहिए लेकिन फायदे में अगर कमी भी आ जाती है तब भी पार्टियां ऐसे लोगों को आमतौर पर बर्दाश्त नहीं करती हैं।
सहारनपुर दंगे के सवाल पर कहा कि प्रदेश में गोरक्षा के नाम पर एंटी रोमियो के नाम पर और समाज सुधार के नाम पर नई परिभाषा लिखी जा रही है, जिसके परिणाम सहारनपुर की तरह सामने आने लगे हैं।