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कहीं खाद का स्टॉक खत्म, तो कहीं उमड़ी किसानों की भीड़

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बिलासपुर/टांडा/शाहबाद/दढ़ियाल (रामपुर)। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। डीएम के पैक्स सचिवों की वार्ता के बाद से खाद वितरण ने रफ्तार पकड़ ली है। जिले में गुरुवार को अफसरों ने समितियों पर 800 मीट्रिक टन खाद पहुंचाया, जबकि 900 मीट्रिक टन खाद का वितरण करने का दावा किया गया है। जिसमें करीब सौ मीट्रिक टन खाद पहले से समितियों पर उपलब्ध थी। इसके बावजूद तमाम समितियों पर खाद का स्टॉक नहीं था। इस कारण तमाम समितियों पर किसानों को बिना खाद लिए ही वापस लौटना पड़ा।
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गेहूं और मटर बुआई के चलते किसानों को इन दिनों एनपीके खाद की आवश्यकता पड़ रही है। किन्तु, सहकारी समिति के सचिवों की हड़ताल की वजह से खाद वितरण का सिस्टम पूरी तरह से बिगड़ गया। अब जब जिलाधिकारी रविंद्र कुुमार मांदड़ के प्रयासों की बदौलत सहकारी समितियों के ताले खुले हैं, तो किसानों को खाद मिलना शुरू हो गया है।
गुरुवार को सुबह से ही किसान खाद लेने के लिए समितियों पर पहुंचना शुरू हो गए। कुछ ही समय में सहकारी समितियों के बाहर किसानों की लंबी कतारें लग गईं। पूरे दिन लाइन में खड़े होने के बाद किसानों को खाद मिल सका। मिलक, बिलासपुर, शाहबाद, दढ़ियाल, स्वार, टांडा, सैदनगर समेत तमाम क्षेत्रों की सहकारी समितियों पर खाद का वितरण हुआ।
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दिनभर में अफसरों के प्रयासों की बदौलत 800 मीट्रिक टन खाद समितियों पर पहुंचाया गया, जबकि 900 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया गया। इसके बाद भी टांडा, स्वार, सैदनगर, बिलासपुर और शाहबाद की कुछ समितियों पर खाद का स्टॉक नहीं था। जिस कारण किसानों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
अधिकांश समितियों पर बंटा खाद
मिलक। क्षेत्र की अधिकतर सहकारी समितियों पर गुरुवार को खाद वितरण हुआ। वहीं, दूसरी ओर रहसैना, मेंहदीनगर, धनेली उत्तरी, मेंहदीनगर, परम और मिर्जा नूरपुर पर खाद खत्म हो गई। इस पर एडीओ सहकारिता मनोज उपाध्याय का कहना है कि इन समितियों पर खाद पहुंच रही है और किसानों को खाद वितरण हो जाएगा।
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-क्या बोले किसान
-हम लोग गेहूं बोने के लिए लगातार समिति पर आकर खाद लेना चाह रहे थे, लेकिन हड़ताल के चलते खाद नहीं मिल पा रही थी। जब समिति खुली, तो खाद उपलब्ध नहीं था। अब जब स्टॉक आया है, तो खाद मिला है। -मुशर्रफ, किसान, निवासी जालपुर।
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-हम पीपली नायक समिति पर खाद लेने के लिए पहुंच गए, लेकिन उससे पहले ही समिति पर एनपीके खाद का स्टॉक खत्म हो चुका था। एक कट्टा खाद की जरूरत थी। समिति पर अब खाद कब आएगा और मिलेगा भी इसका कोई भरोसा नहीं है। गेहूं की बुआई के लिए निजी दुकान से महंगे दाम पर खाद खरीदना पड़ेगा। -महेश सिंह, किसान, निवासी ग्राम मोहब्बत नगर।
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-हम चंदूपुरा समिति से जुड़े हैं। कई दिनों से समिति पर खाद आने का इंतजार कर रहे थे। गुरुवार को समिति पर खाद बांटे जाने की सूचना मिली, तो सुबह पहुंच गए। लेकिन, अधिक भीड़ के चलते दोपहर बाद भी खाद के लिए नंबर नहीं आ सका है। उम्मीद है शाम तक खाद मिल जाए। -गुलाम हसन, किसान, निवासी ग्राम कैथोला।
-गेहूं की बुआई के लिए एनपीके खाद की जरूरत है। दो दिनों से दढ़ियाल किसान सेवा समिति और इफको ई बाजार के चक्कर काट काट रहे हैं, लेकिन एनपीके खाद नहीं मिल रहा है। समिति और इफको ई बाजार के कर्मचारी शुक्रवार को खाद आने की बात कह रहे हैं। ऐसे में हमारी फसल पिछाई हो रही है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। -रमेश सिंह, किसान, निवासी ग्राम मुवाना।
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-हम एनपीके खाद लेने के लिए एक सप्ताह से किसान सेवा सहकारी समिति गोधी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। खाद न मिलने की वजह से हमारे खेतों में गेहूं और मटर की बुवाई लेट हो रही है। ऐसे में खेत की नमी भी खत्म होती जा रही है। प्रशासन को खाद वितरण की व्यवस्था ठीक से करनी चाहिए, ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े। -जाहिद खां, किसान, निवासी ग्राम करसोला।
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-शाहबाद की किसान सेवा सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए आए हैं। हम समिति के सदस्य भी हैं। समिति पर यूरिया खाद है, एनपीके खाद उपलब्ध नहीं है। बता रहे हैं कि पंद्रह नवंबर के बाद खाद मिलेगा। ऐसे में हमारी गेहूं की फसल पिछाई हो रही है। -वासिल खान, शाहबाद निवासी
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-दो दिन तक समिति पर पूरा दिन लाइन में लगे रहे, लेकिन खाद नहीं मिल पाया और अब खाद खत्म हो गया। अब दो दिन से समीति के चक्कर काट रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा बताया जा रहा है कि खाद आने पर ही खाद मिलेगा। समिति पर खाद नहीं है। ऐसे में खाद न मिलने से गेहूं की बुआई लेट हो रही है। -नन्द राम, किसान, भोट।
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