रामपुर का रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाना।
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रामपुर। जीआरपी में तैनात सिपाही ने लापरवाही की हद कर दी। सैंपल देने के बाद भी वह थाने में ड्यूटी करता रहा। बुधवार को जब उसकी रिपोर्ट आई तब भी वह ड्यूटी पर था। आनन-फानन में उसे एंबुलेंस से जौहर यूनिवर्सिटी के अस्पताल भेजा गया।
लोग कोराना वायरस जैसी बीमारी को गंभीरता से नहीं ले रहे है। लोग सैंपल देने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा होम क्वारंटीन के आदेश दिए जा रहे हैं। लेकिन लोग सुनने को तैयार नहीं है,ऐसा ही मामला जीआरपी थाने से जुड़ा है। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी का थाना है। थाने में तैनात सिपाही ने 31 मई को कोरोना की जांच के लिए सैंपल दिया था लेकिन इसकी जानकारी सिपाही ने किसी को नहीं दी थी। थाने में न तो थाना प्रभारी सतीश कुमार को दी और न ही अपने साथियों से इसका जिक्र किया था। तीन जून बुधवार को सिपाही की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उन्होंने पॉजिटिव सिपाही को बुलाया और जानकारी की। थाने में कोरोना पॉजिटिव सिपाही की जानकारी पर हड़कंप मच गया। साथियों ने भी उससे दूरी बना ली इतना ही रेलवे स्टेशन के अन्य कर्मचारी और आरपीएफ थाने के स्टाफ में भी खलबली मच गई है। प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद सावधानी बरती जा रही है। इसके साथ ही एक सिपाही और इसके संपर्क में रह रहा था। उसकी जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग को दे दी हैँ। वहीं आरपीएफ इंचार्ज राकेश कुमार यादव ने बताया कि जीआरपी में तैनात एक सिपाही की रिपोर्ट पाँजिटिव आने के बाद स्टाफ के लोगों से जानकारी ली गई है।इस सिपाही के संपर्क में कौन कौन रहा था। रेलवे स्टेशन के स्टाफ में भी हड़कंप मच गया है।