गांव रनुआ नगला में चोर कहने की सजा एक महिला को दंपति ने उसकी आंख पर सरिया से प्रहार कर आंखों की रोशनी छीनकर दी, आंख फूटने के बाद दिल्ली से उपचार कराकर महिला सोमवार को जैसे ही गांव पहुंची तो ग्रामीण और रिश्तेदार उसे देखने पहुंच गए। बेसुध महिला कुछ नहीं बोल पा रही है। इधर, घर में ताला डालकर फरार आरोपी दंपति को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस गांव तक नहीं पहुंची है।
क्षेत्र के गांव रनुआ नगला में निराले की पत्नी भूरी (25) का एंड्रायड मोबाइल फोन तीन फरवरी को चोरी हो गया था। मोबाइल पर कॉल करने पर भूरी का फोन किसी झब्बू ने उठाया और कहा कि उसने यह मोबाइल हारुन से खरीदा है। हारुन लांबाखेड़ा का रहने वाला है और भूरी के परिवार के ही जेठ लगने वाले मुबारक का साला है। भूरी पांच फरवरी को मुबारक के घर शिकायत करने गई और उसकी पत्नी अफरोज से मोबाइल चोर कहते हुए शिकायत की। चोर कहना अफरोज को बुरा लगा और उसने पहले तो उसके ऊपर डंडा फेंककर मारा और दोनों में मारपीट हो गई।
बाद में आरोप है कि अफरोज व उसके पति मुबारक ने लोहे की सरिया से आंख पर वार कर दिया जिससे भूरी की चीख निकल गई। भूरी की आंखों से खून की धार फूट गई थी। इस पर भूरी को उसकी सास हमशीरन तुरंत डाक्टर के पास लाई। डाक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से मुरादाबाद और मुरादाबाद से डाक्टरों ने मेरठ रेफर कर दिया। बाद में भूरी मेरठ से दिल्ली रेफर कर दी गई।
भूरी के पति निराले का कहना है कि दिल्ली एम्स में उसकी एक आंख आपरेशन करके डाक्टरों ने निकाल दी है, दूसरी में गहरी चोट है, जिसमें रोशनी लौटने की उम्मीद कम ही बताई है। भूरी रविवार को इलाज कराके गांव लौट आई है, उसे देखने के लिए ग्रामीण और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। निराले ने बताया कि चोर कहने की सजा उसकी पत्नी की आंखों की रोशनी लेकर दी गई। रिपोर्ट लिखाने के लिए नौ फरवरी को चौकी पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन 12 फरवरी को पुलिस ने रिपोर्ट तो लिख ली लेकिन पुलिस गांव में एक बार भी नहीं आई, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी दंपति मुबारक और अफरोज घर में ताला डालकर फरार हैं।