वर्ष 2015 ने जहां अपने शहर को स्मार्ट सिटी की दौड़ में खड़ा कर दिया, वहीं 2016 में ये दौड़ और तेज होगी। स्मार्ट रामपुर विकास की नई इबारत लिखने के लिए तैयार है। स्मार्ट शहर में जहां रोजगार के साधन तो होंगे, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना शहर ऊंची उड़ान भरने की तैयारी कर रहा है।
शहर को मेडिकल कालेज का तोहफा तो मिल सकता है। चकाचक सड़कें भी शहर की तरक्की में अपना नाम दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। वर्ष 2015 विकास के लिहाज से काफी अहम रहा है। 2015 ने शहर को बहुत कुछ दिया है। कई घोषणाएं की गईं, जिनको अमली जामा पहनाने की तैयारी अब 2016 में की जाने की उम्मीद है।
नगर विकास मंत्री आजम खां के इस शहर को विकास की नई-नई सौगात मिली हैं। शहर लगातार तरक्की की राह तेजी से कदम बढ़ा रहा है। 2015 में शहर को केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किया गया, जो शहर की तरक्की में मील का पत्थर साबित होने वाला है।
सब कुछ ठीकठाक रहा तो 2016 विकास की नई इबारत लिख डालेगा। इसके लिए सरकारी तौर पर कई योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की तैयारी की जा रही है। 2016 में स्मार्ट सिटी की योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए भी विकास की राह आसान हो जाएगी।
स्मार्ट रामपुर में जहां चौड़ी सड़के होंगी, वहीं शहर को हाईटेक भी किए जाने की योजना है। नगर विकास मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट मेडिकल कालेज भी इस साल खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। नैनी झील की तर्ज पर बन रही रामपुर की झील को भी इस दफा अमलीजामा पहनाया जा सकता है।
इसका काम बहुत तेजी से चल रहा है। इसके अलावा कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट भी इस साल चालू होने की उम्मीद है। यानि रामपुर पूरी तरह स्मार्ट होगा यही उम्मीद 2016 से है।