रामपुर नवाब के पास इंपोर्टेड (आयातित) कारों का काफिला था। नवाब इन कारों में ही चलते थे। वैसे तो नवाब के पास कई बेशकीमती कारें थीं, लेकिन कोर्ट को जो सूची उपलब्ध कराई गई है उसमें कारों की संख्या 16 बताई गई है।
कोर्ट के आदेश पर जब एडवोकेट कमिश्नर ने कोठी खासबाग पहुंचकर सर्वे किया तो वहां पर 10 कारें ही मिलीं। छह विंटेज कारें गायब हैं, जो कारें मिली भी हैं उनकी हालत बेहद खराब है। कारें पूरी तरह से कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। कारों के अंदर का बेशकीमती सामान भी गायब है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खां की चल-अचल संपत्ति की बंटवारे की प्रक्रिया चल रही है। पूरी प्रक्रिया जिला कोर्ट की देखरेख में संपन्न कराई जा रही है।
इस प्रक्रिया के तहत नवाब की संपत्ति की एक-एक वस्तुओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। सर्वे के दौरान एडवोकेट कमिश्नर मुजम्मिल हुसैन और सौरभ सक्सेना जब कोठी खासबाग पहुंचे थे तो कभी रामपुर रिसासत की शान रही विंटेज गाड़ियां खस्ता हालत में बरामद हुईं।
कोर्ट को दी गई सूची में कारों की संख्या 16 बताई गई थी, लेकिन मौके पर 10 कारें ही मिलीं। छह कारें कहां गई यह रहस्य बना हुआ है। जो कारें मौके पर मिलीं भी वह कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। कारों का बेशकीमती सामान गायब है। एडवोकेट कमिश्नर का कहना है कि इस बारे में कोर्ट को अवगत कराया जाएगा।