रामपुर के अजीतपुर में गुरुवार को अवैध निर्माण धवस्त करती आरडीए की जेसीबी।
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विकास प्राधिकरण ने बिना लेआउट पास कराए हो रहे अवैध निर्माण पर शिकंजा कस दिया है। अजीतपुर इंडस्ट्रियल एरिया के नजदीक स्थित सौ बीघे जमीन पर अवैध तरीके से प्लाटिंग कराया जा रहा था। आरडीए ने निर्माण ध्वस्त करवा दिया और खड़ंजे को उखड़वा दिया। अवैध तरीके से बनाई गई पांच दुकानों को भी सीज कर दिया। दो घंटे से भी ज्यादा समय तक चली कार्रवाई के दौरान यहां हड़कंप मचा रहा।
प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध तरीके से प्लाटिंग कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। औद्योगिक अस्थानों में उद्यमियों को आवंटित भूखंडों पर कोठियां बनाने के आरोप लगने के बाद प्रशासन ने उद्यमियों पर शिकंजा कस दिया है। वहीं, औद्योगिक अस्थान के आसपास अवैध तरीके से प्लाटिंग करने वालों पर भी प्रशासन की नजरें टेढ़ी हैं।
सूचना मिली थी कि अजीतपुर औद्योगिक अस्थान के नजदीक स्थित जमीन पर कुछ लोग बिना नक्शा पास कराए प्लाटिंग करा रहे हैं। गुरुवार को आरडीए सचिव एवं नगर मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल, एसडीएम सदर अरविंद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम उस जमीन पर पहुंची। प्लाटों की नींव भरी जा चुकी थी, इनकी बिक्री भी की जा रही थी। प्लाटों तक पहुंचने के लिए खड़ंजा भी डाला गया था।
पांच दुकानों का निर्माण भी हो चुका था। दो दुकानें निर्माणाधीन थीं। दुकानों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। प्रशासन ने सभी दुकानों को सील कर दिया। जेसीबी से प्लाटों की नींव को तोड़ डाला। खड़ंजे को उखाड़ दिया गया। दो घंटे तक यहां पर कार्रवाई चलती रही। नगर मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल के मुताबिक उद्यमी कपिल आर्य और मुकुल अग्रवाल अवैध तरीके से प्लाटिंग करा रहे थे। वहीं, उद्यमियों का कहना है कि जमीन उनकी है। उन्होंने अवैध प्लाटिंग से इंकार किया है।