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साहब! मेरा बीपी बढ़ गया है, पटल बदल दीजिए

Thu, 07 Apr 2016 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
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इंदिरा आवासों के आवंटन में लगातार हो रहे घपलों के खुलासे ने डीआरडीए कर्मचारियों का बीबी और शुगर लेवल बढ़ा दिया है। तनावग्रस्त कर्मचारियों ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनहोनी तक की आशंका जताई है। पीडी को लिखे पत्र में काम करने में असमर्थता जताते हुए अपना पटल बदलने की मांग की है। वर्ष 2015-16 में भी इंदिरा आवासों के आवंटन में बड़े पैमाने पर घपला किया गया है।
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ब्लाककर्मियों ने बीपीएल स्थायी पात्रता सूची में छेड़छाड़ कर गरीबों की फैमिली आईडी पर पैसेवालों के आवास बनवा दिए। सबसे ज्यादा घपला स्वार ब्लाक में किया गया है। जांच के दौरान 300 से ज्यादा मामले पकड़ में आ चुके हैं। सीडीओ ने तीन हजार से ज्यादा आवासों पर जांच बैठा दी है। इंदिरा आवासों के घपलों में नाम ब्लाक कर्मचारियों का आ रहा है, लेकिन घपलों के खुलासे से बीपी डीआरडीए कर्मचारियों का हाई हो रहा है।

जिला विकास अधिकारी ने कार्यालय अधीक्षक एवं पटल सहायक से बीपीएल स्थायी पात्रता सूची समेत आवासों का अन्य रिकार्ड तलब किया है। कार्यालय अधीक्षक एवं पटल सहायक अरविंद कुमार सक्सेना ने परियोजना निदेशक को दिए पत्र में कहा कि वो सामान्य वर्ग के कर्मचारी हैं। आवासों का कार्य लेखा संवर्ग से लेना चाहिए। पत्र में कहा कि आवासों के कार्य के कारण उनका बीपी और शुगर लेवल काफी बढ़ गया है, जिससे कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है।
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इसलिए उनसे इंदिरा आवासों का कार्य हटाकर किसी लेखा संवर्ग कर्मचारी को दिया जाए। इससे पहले आवासों का कार्य वरिष्ठ सहायक भगवत सरन देख रहे थे। उन्होंने भी पीडी को पत्र लिखा था कि वो इंदिरा आवासों का कार्य नहीं देख पा रहे हैं। उन पर मानसिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने पटल हटाने का आग्रह किया था। बाद में ये कार्य कार्यालय अधीक्षक को दे दिया गया थे। दोनों कर्मचारियों ने इंदिरा आवासों के अभिलेख मुहैया कराने में असमर्थता जताई है।

उनका कहना था कि सारा रिकार्ड ब्लाक मुख्यालयों पर है। इंदिरा आवासों के चयन में धांधली बरतने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने 10 ग्राम पंचायत सचिव की स्थायी वेतन वृद्धि रोक दी है। इंदिरा आवासों में घपले के कई मामले पकड़ में आने के बाद में मुख्य विकास अधिकारी अमित किशोर ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

सीडीओ के मुताबिक अपात्रों के आवास बनवाए जाने के मामले में स्वार, चमरौवा, बिलासपुर और स्वार के 10 ग्राम पंचायत सचिव की स्थायी वेतन वृद्धि रोक दी है। घपले में शामिल ब्लाक कार्यालय के कर्मचारियों के भी खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इंदिरा आवासों की जांच शुरू होते ही नेट से बीपीएल स्थायी पात्रता सूची डीलीट कर दी है। आवासों का पटल देख रहे कर्मचारियों ने इसकी जानकारी परियोजना निदेशक को दी है।

2014-15 और 2015-16 में अधिकतर इंदिरा आवासों गरीबों की फैमिली आईडी पर पैसे वालों को दिए। आवासों के नाम पर अवैध वसूली की गई। ब्लाककर्मियों ने बीपीएल स्थायी पात्रता सूची में छेड़छाड़ की गई। आवासों में गड़बड़ी का मामला सुर्खियों में आने पर जांच बैठा दी है। आवासों का पटल देख रहे कर्मचारियों ने परियोजना निदेशक को जानकारी दी कि नेट से बीपीएल स्थायी पात्रता सूची और फैमिली आईडी का सारा रिकार्ड डीलीट कर दी। ब्लाकों से भी रिकार्ड नहीं दिया जा रहा है। चूंकि उसी रिकार्ड से आवासों में गड़बड़ी का सही पता लग सकेगा।
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