रामपुर। विधानसभा चुनाव के लिए लगाए गए मतदान कार्मिकों को अपनी टीम के सहकार्मिकों की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा। पोलिंग पार्टी को एक साथ प्रशिक्षण दिलाने के लिए उनकी सीट निर्धारित की गई है। सीटिंग प्लान के तहत सभी मतदान कार्मिकों उनकी पोलिंग पार्टिंग नंबर के आधार पर एक साथ बिठाया जाएगा। जिससे टीम के अन्य सहकार्मिकों को तलाशने की जरूरत नहीं रहेगी।
जिले में विधानसभा चुनाव को लेकर 14 फरवरी को मतदान होगा। जिले की पांचों विधानसभा सीटों में 2058 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर करीब 8232 कार्मिकों को लगाया गया है जबकि, करीब 823 कार्मिकों को रिजर्व में रखा गया है। इस मतदान कार्मिकों में पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, मतदान अधिकारी द्वितीय और मतदान अधिकारी तृतीय की टीम बनाकर मतदान कराया जाएगा। चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारी प्रथम का एक प्रशिक्षण हो चुका है। जबकि अब मतदान अधिकारी द्वितीय और तृतीय का प्रशिक्षण शुक्रवार 4 फरवरी से शुरू होगा। जिसमें एक दिन पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी प्रथम भी अपनी पोलिंग पार्टी के अन्य दो मतदान कार्मिकों के साथ मौजूद रहेंगे। लेकिन, अभी तक पोलिंग पार्टी में लगाए गए पीठासीन अधिकारी को अपने अन्य मतदान कार्मिकों की तलाश करनी पड़ती थी। मोबाइल पर संपर्क कर उनसे उनकी पहचान और लोकेशन लेकर उनके पास जाना पड़ता था। जिससे पोलिंग पार्टी के सभी कर्मी एक-दूसरे से मिल सकें। लेकिन, इस बार सहकार्मिकों को तलाशने की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि इस बार प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक सीट पर पोलिंग पार्टी की संख्या डाली जाएगी। किसी अन्य पोलिंग पार्टी का कार्मिक दूसरी पोलिंग पार्टी के लिए आरक्षित सीट पर नहीं बैठ सकेगा।जिससे एक पोलिंग पार्टी के सभी चार कर्मी एक साथ बिना तलाश के मिल जाएंगे।