रामपुर। श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित कन्हैया लाल शर्मा ने जब श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन किया तो श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू भर आए। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
चंद्रसेन की धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को अंतिम दिन था। कथावाचक ठाकुर जी महाराज ने कहा कि अगर संसार में कृष्ण और सुदामा जैसी मित्रता हो जाए तो दुनिया से बैर समाप्त हो जाएगा। उन्होंने श्रीकृष्ण विवाह, भोमासुर उद्धार, सोलह हजार एक सौ कन्याओं के साथ विवाह और शिशुपाल उद्धार की कथा का वर्णन किया। कथा के समापन पर यज्ञ किया गया। जिसमें विश्व कल्याण की मंगल कामना को लेकर श्रद्धालुओं ने यज्ञ में पूर्णाहुति दी। इसके बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। राजन गुप्ता, मोनिका गुप्ता, अंबरीश गुप्ता, रामस्वरूप, नरेश शर्मा, हरिओम अग्रवाल, रामकुमार प्रजापति, डबलू सोनू, कृष्ण चंद्र सक्सेना, विकास देवल, डा. अजय अग्रवाल, माधुरी शर्मा, अर्चना गुप्ता, अनूप, हरिबहादुर सक्सेना, राधेश्याम, अनुप्रिया शर्मा, भावना, अनुरुद्घ, शांति देवी, संतोष शर्मा, निर्मला गुप्ता आदि मौजूद रहे।