फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कान्हा ने मां यशोदा को अपने मुख में कराए ब्रह्मांड के दर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। चंद्रसेन की धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित कन्हैया लाल शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का अभिमान चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाकर अपने भक्तों की रक्षा की। भगवान हमेशा संतों की रक्षा कर असुरों का संहार करते हैं।
विज्ञापन

सोमवार को कथा के पांचवें दिन कथावाचक ठाकुर जी महाराज ने कहा कि भगवान असुरों का संहार और संतों की रक्षा के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए। भगवान श्रीकृष्ण ने बाल लीला करते हुए पूतना, शक्टासुर, तृणासुर आदि राक्षसों का वध कर अपने भक्तों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कान्हा ने मिट्टी खाने की लीला करते हुए माता यशोदा को मुख में ब्रह्मांड के दर्शन कर यह जता दिया कि वह ही परम पिता हैं और दुष्टों का संहार करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए हैं। पूजन यजमान राजीव अग्रवाल और राजन गुप्ता ने सपत्निक व्यास पूजन किया। संतोष शर्मा, अशोक कुमरी शर्मा, मंगल शर्मा, किशोरी शर्मा, अनुरुद्ध कुमार, प्रदीप शर्मा, नरेश शर्मा, उमा रानी, भावना, साधना, शांति शर्मा, लाडो देवी, सोमवती, विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें