रामपुर में शनिवार को सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में शौर्य दिवस के मौके पर शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित करते डीआईजी
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शौर्य दिवस के मौके पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में शनिवार को शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। वीरता पदक हासिल करने वाले अधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत किया। साथ ही ग्रुप सेंटर 90 कर्मचारियों को आंतरिक सुरक्षा मेडल प्रदान किया जाएगा। इस दौरान शहीदों के परिजनों और जवानों की आखें छलक गईं। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में क्वार्टर गार्ड पर डीआईजी (सीडब्ल्यूएस) राजीव रंजन कुमार ने सलामी ली। इस दौरान उन्होंने शौर्य दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला और वीर जवानों के बलिदान को याद किया।
उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल 1965 को गुजरात के कच्छ में सीमा पर सीआरपीएफ द्वितीय वाहिनी की चारण कंपनियां तैनात थीं। पाकिस्तान की इंफेंट्री ब्रिगेड ने सीमावर्ती क्षेत्र पर कब्जा करने के इरादे से हमला कर दिया था। पोस्ट पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे। पाकिस्तान के 34 सैनिक मारे गए थे और चार जिंदा पकड़े गए थे। इस दौरान सीआरपीएफ के आठ जवान भी शहीद हो गए थे।
इस दौरान मेन्स क्लब में डीआईजी (ग्रुप सेंटर) चंद्रभूषण ने वीरता पदक प्राप्त कर्मचारियों व उनके उत्तराधिकारियों को सम्मानित किया। वीरता पदक प्राप्त करने वाले कर्मियों में सूबेदार मेजर सुभाष चंद्र झा, उप निरीक्षक (जीडी) ओम प्रकाश भट्ट, हवलदार मोहिंदर सिंह व महीपाल सिंह को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही पराक्रम पदक विजेता शहीद सिपाही कृष्णपाल सिंह के परिजनों को सम्मानित किया गया।
साथ ही ग्रुप केंद्र के उप कमांडेंट कृष्ण कुमार व 90 अन्य कर्मियों को आंतरिक सुरक्षा मेडल प्राप्त किए गए। इस मौके पर डा. डीआर हेगड़े, कृष्ण कुमार, सूरज कुमार झा, राना प्रताप यादव व विजय सिंह सहित अन्य कई अधिकारी व जवान मौजूद रहे।