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रामपुर की सात नदियां गर्मी में सूखीं 

Fri, 19 May 2017 12:23 AM IST
अखिलेश शर्मा/ रामपुर
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रामपुर में सूखी कोसी
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कुमाऊं विश्वविद्यालय के ज्योग्राफी डिपार्टमेंट के वैज्ञानिक सर्वे में पहाड़ी नदियों में लगातार बढ़ रहे सूखे पर चिंता व्यक्त की गई है। पूर्वानुमान है कि यही स्थिति रही तो आगामी वर्षों में यह नदियां विलुप्त हो जाएंगी।

कहा गया है कि पिछले दशक में ही सदानीरा यह नदियां बरसाती होकर रह गई हैं। इससे मैदानी इलाकों में सबसे बड़ा प्रभाव वहां डार्क जोन विकसित होने, पर्यावरण, कृषि, पशुपालन और उद्योग धंधों पर पड़ने लगा है। नदियों के विलुप्त होने के कगार पर पहुंचने का कारण पहाड़ों पर लगातार नदियों के उदगम स्थलों पर बन रहे बांधों को भी माना गया है।       
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कुमाऊं विश्वविद्यालय के ज्योग्राफी डिपार्टमेंट के अंतर्गत नेचुरल रिसोर्स डाटा मैनेजमेंट सिस्टम सेंटर के डायरेक्टर एवं प्रख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर जेएस रावत के निर्देशन में हुए वैज्ञानिक सर्वे की अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक उद्गम क्षेत्र में कोसी नदी की 36 और पश्चिमी गंगा की 134 सहायक नदियां सूखकर बरसाती नदियों में तब्दील हो गई हैं। पहाड़ों पर छोटी-छोटी धाराओं से मिलकर बड़ी नदी बनती है, यह धाराएं ही नदियों को पूरे वर्ष पानी की आपूर्ति करती हैं। लेकिन उद्गम स्थल से इन धाराओं के कम होने से और वहां बांध बनने से मैदानी इलाके में पहुंचते-पहुंचते नदियां सूख रही हैं।
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दस साल पहले इन नदियों में जहां बिना बरसात के भी पानी भरा रहता था, अब बरसात के मौसम आने तक यह एकदम सूखी हुई हैं। रिपोर्ट में इसे भविष्य के लिए चिंता का विषय बताया गया है। इससे जहां पर्यावरण तो प्रभावित हो ही रहा है, कृषि, पशुपालन, उद्योगों पर भी विपरीत असर पड़ रहा है, मैदानी इलाकों में डार्क जोन विकसित होते जा रहे हैं।   
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