सपा के कद्दावर नेता आजम खां द्वारा वक्फ संपत्तियों समेत अन्य सरकारी भवनों को कब्जाने के आरोपों पर यूपी की योगी सरकार की नजर टेढ़ी हो गई है। मुख्यमंत्री ने वक्फ विभाग समेत अन्य विभागों से इस पूरे मामले की जांच कराने के आदेश जारी करते हुए इस पूरे मामले की रिपोर्ट प्रदेश के राज्यपाल को भेज दी है। कांग्रेसी नेता फैसल लाला की शिकायत के आधार पर की गई शिकायत के आधार पर सरकार ने विभागों से जांच आख्या मांगी है।
समाजवादी सरकार में सूबे के नगर विकास मंत्री रहे आजम खां की मुश्किलें सरकार जाने के बाद से कम होती नजर नहीं आ रही हैं। विरोधियों ने प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही उन्हें घेरना शुरू कर दिया था। कांग्रेसियों के साथ ही भाजपाइयों व अन्य दलों के लोगों ने आजम पर जमीनों को कब्जाने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायतें शासन से की थीं। अब इन शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल लाला ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर आजम खां पर वक्फ की जमीनों को कब्जाने के साथ ही सरकारी भवनों को जौहर ट्रस्ट के नाम करा लेेने की शिकायत की थी। इसके साथ ही सपा सरकार में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाते हुए राज्यपाल से कार्रवाई की मांग रखी थी।
राज्यपाल ने इस मामले में मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। राज्यपाल के इस पत्र के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजम खां के खिलाफ की गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सीएम ने विभागवार इस मामले की जांच आख्या तलब की है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद पत्र लिखकर प्रदेश के राज्यपाल को भेज दी है। इस कार्रवाई से खलबली मच गई है।